10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

शहरी सरकार के चुनाव हुए तो होगा ‘महिला राज’, दोनों निगम में महापौर पद महिलाओं के लिए आरक्षित

- हाईकोर्ट के अक्टूबर माह में निकायों के चुनाव करवाने के आदेश के बाद सरगर्मियां शुरू
less than 1 minute read
Google source verification
शहरी सरकार के चुनाव हुए तो होगा ‘महिला राज’,  दोनों निगम में महापौर पद महिलाओं के लिए आरक्षित

शहरी सरकार के चुनाव हुए तो होगा ‘महिला राज’, दोनों निगम में महापौर पद महिलाओं के लिए आरक्षित

जोधपुर. शहरी सरकारों के लिए गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। राजनीति पार्टियों व दावेदारों की सक्रियता सोशल मीडिया पर देखी जा सकती है। लेकिन दूसरी ओर कोरोना का डर भी सता रहा है। गांवों के चुनावों से अलग शहरों में संक्रमण दर और मृत्यु दर भी पिछले एक माह में बढ़ी है। एेसे में जो प्रत्याशी के लिए दावेदारी कर रहे हैं वह भी डरे हुए हैं। हालांकि राजनीतिक पार्टियों के सामने इस बार महिला उम्मीदवारों का चुनाव टेढ़ी खीर होगा। क्योंकि नगर निगम उत्तर व दक्षिण के लिए महापौर के पद पहले ही महिलाओं के लिए आरक्षित है।

दो बार सीमांकन और उम्मीदवारों की लम्बी लिस्ट
पिछले बार ६५ वार्ड हुए थे और करीब ४०० से ज्यादा प्रमुख दावेदार सामने आए थे। लेकिन पिछले साल सरकार ने ६५ से बढ़ाकर पहले वार्ड १०० किए और उसके बाद शहर को दो निगम में बांट कर ८०-८० वार्ड कर दिए। अब कुल १६० वार्ड में कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टियों में दावेदारी करने वाले नेताओं की संख्या ८०० से भी ज्यादा हो सकती है।

महिला टिकट ज्यादा बंटेंगे
इस बार महिला टिकट भी ज्यादा बंटने की उम्मीद है। फिलहाल वार्डों की आरक्षण लॉटरी वापस निकलेगी लेकिन एेसा माना जा रहा है महिलाओं के लिए आरक्षित वार्ड के अलावा अन्य वार्ड में भी महिला प्रत्याशी उतारी जा सकती है। कांग्रेस व भाजपा एेसे महिला महापौर चेहरे पर ही फोकस करेंगी।

सरकार की अपील की बात पर कांग्रेस में खामोशी
भाजपा ने बुधवार से ही गतिविधियां शुरू कर दी। लेकिन पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा की सुप्रीम कोर्ट में अपनी की बात सामने आने के बाद कांग्रेस खेमे में ज्यादा सक्रियता नजर नहीं आई। एक माह से भी कम समय में चुनाव आयोग के सामने आरक्षण लॉटरी, नोटिफिकेशन, नामांकन व अन्य पूरे काम करवाना चुनौती है।