
जोधपुर का एमडीएम अस्पताल: पहले लीवर-किडनी डेमेज बता दी, दूसरे दिन हो गई सही
जोधपुर का एमडीएम अस्पताल: पहले लीवर-किडनी डेमेज बता दी, दूसरे दिन हो गई सही
एमडीएम अस्पताल की लैब रिपोर्ट में गड़बड़झाला
जोधपुर. मथुरादास माथुर अस्पताल में दिल में छेड़ का ऑपरेशन करवा चुके 15 वर्षीय भर्ती बालक के पिता पर गत शनिवार को अस्पताल की लैब ने नया सितम ढा दिया। इस बालक को लैब की रिपोर्ट में बालक का लीवर व दोनों किडनी डेमेज बता दी। सदमे में आहत बालक के पिता ने व्याकुल होकर रात को निजी लैब से जांच करवाई तो लीवर-किडनी डेमेज नहीं होने की पुष्टि हुई। इसके बाद सुबह कार्डियक थोरेसिक आइसीयू से फिर रिपोर्ट भेजी गई, उसमें रिपोर्ट नॉर्मल आ गई। आखिरकार पिता व उसके परिजनों ने राहत की सांस ली। हालांकि एमडीएम अस्पताल में ऐसा कइयों के साथ हो रहा है।
दरअसल, फलोदी निवासी जसराज सोनी पुत्र धर्मेन्द्र सोनी को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जोधपुर के एमडीएम अस्पताल इलाज के लिए रैफर किया गया था। बालक 27 दिसंबर से अस्पताल में भर्ती चल रहा है और 7 जनवरी को उसका ऑपरेशन किया गया। वहीं चिकित्सकों ने किडनी जांच के लिए क्रिटिनाइन, लीवर टेस्ट के लिए एसजीओटी, एसजीपीटी सहित अन्य जांचें लिखी। यूं हुई गड़बड़ी
सीरम ग्लूटामेट पाइरूवेट ट्रांसएमिनेस ( एसजीपीटी) 40 तक होना चाहिए, लेकिन शनिवार की रिपोर्ट में बालक का 355 बता दिया गया। सीरम ग्लूटामिक ऑक्सालोएसेटिक ट्रांसअमिनेज़ (एसजीओटी) को 747 बताया गया, जबकि नॉर्मल रेंज 40 थी। इस रिपोर्ट के आधार पर मरीज का लीवर पूरा ध्वस्त समझा जाता है। दूसरे दिन ये रिपोर्ट में 32 रेंज बताई गई। निजी लैब की रिपोर्ट में दोनों टेस्टिंग में 32 से 38 के मध्य आए, जो मरीज हित में थी। वहीं क्रिटिनाइन एमडीएम अस्पताल की रिपोर्ट में 3.40 बता दिया गया। जबकि नॉर्मल रेंज 0.6 से 1.4 तक आती है। जबकि प्राइवेट में इसी रात 0.77 आया। दूसरे दिन एमडीएम अस्पताल में 0.73 आया।
Updated on:
12 Jan 2020 09:53 pm
Published on:
12 Jan 2020 09:53 pm
