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ऑक्सीजन नापने में भी हो रहा खिलवाड़, न बैच नम्बर और न ही एमआरपी लिखा माल

- मेडिकल उपकरण की श्रेणी में लेकिन कई जगह खुलेआम भी बिक रहा
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जोधपुर. कोरोना की दूसरी लहर में जैसे ही संक्रमण ने किसी व्यक्ति को जकड़ा उसको पहली जिस वस्तु की आवश्यकता हुई वह पल्स ऑक्सीमीटर थी। जब कोरोना पीक पर था तो इसकी उपलब्धता भी चुनौती बन गई थी। लेकिन इसमें कई नए खुलासे भी हो रहे हैं। बिना बैच और बिना एमआरपी के भी ये ऑक्सीमीटर बाजार में मिल रहे हैं। यह गड़बडि़यां खुद सरकारी विभाग ने ही पकड़ी है, एेसे में संदेह है कि ऑक्सीजन सेचुरेशन नापने में भी यह सटीक है या नहीं।

ड्रग विभाग ने जालोरी गेट स्थित एक फर्म पर ७५०० रुपए का जुर्माना लगाया। यहां बिना एमआरपी व बैच नंबर के पल्स ऑक्सीमीटर पाया गया। जबकि इसी प्रकार जालोरी गेट पर एक और फर्म पर एेसे ही मामले में जुर्माना लगाया गया था। इस कार्रवाई में ड्रग कंट्रोल ऑफिसर पंकज गहलोत, आशीष गज्जा व विधि बाट-माप अधिकारी गणेश योगी सम्मिलित थे।

मेडिकल उपकरण, मगर ऑनलाइन बिक रहा
शहर में ऑनलाइन सब्जी बेचने वाले भी कई लोग ५०० से ७०० रुपए में पल्स ऑक्सीमीटर बेच रहे हैं। एेसे पल्स ऑक्सीमीटर शहर में काफी लोगों के पास पहुंच चुके हैं। इसके अलावा कई इलेक्ट्रोनिक्स कंपनियां भी ऑनलाइन उपलब्ध करवा रही है।

३ हजार तक में बिके ऑक्सीमीटर
५०० से एक हजार रुपए की श्रेणी में सामान्यत: उपलब्ध होने वाले ऑक्सीमीटर करीब एक माह पहले जब डिमांड ज्यादा थी तो २ हजार से लेकर ३ हजार रुपए तक में बिके थे। इसी बीच बाजार में किल्लत हुई तो एेसे बिना बैच व एमआरपी के उपकरण बाजार में उतार कर मुनाफा कमाने से भी कई लोग बाज नहीं आए।