
Metro culture: जोधपुर. दौड़भाग की जिन्दगी व बदलती लाइफ स्टाइल में सपनों के आशियाने को सजाना भी एक चैलेंजिंग काम है। लोग कम बजट व कम स्पेस में घरों को नया लुक देना चाहते है। ऐसे में, शहर के युवा इंटीरियर डिजाइनर कोरोना व बदलते ट्रेंड को देखते हुए मामूली बजट में इंटीरियर को नया और बेहतरीन लुक देकर घर में नया फेरबदल करके कायाकल्प कर रहे है। हाल ही के कुछ वर्षों में मेट्रो सिटी का यह कल्चर जोधपुर में बढ़ता जा रहा है।
तैयार हो रहे 200 डिजाइनर्स
जोधपुर में सरकारी व निजी सहित करीब 10-12 इंटीरियर डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट है, जहां करीब 200 स्टूडेंट तैयार हो रहे हैं। इंटीरियर डिजाइनिंग स्टूडेंट को नए प्रोजेक्ट्स के रूप में रोजगार भी मिल रहे है, जिनका पैकेज करीब 70 हजार से 3 लाख रुपए तक है। आइनिफ्ड डायरेक्टर नवीन मोहनोत ने बताया कि इस फील्ड में अच्छा स्कोप है। पैकेज भी अच्छा मिल रहा है। कल्पनाशीलता में रुचि रखने वालों के लिए यह अच्छा कॅरियर ऑप्शन है।
मल्टी कलर का चलन
अब पूरे घर में एक जैसा कलर या सफेदी कराने का ट्रेंड खत्म हो रहा है। कम बजट में जरुरत के मुताबिक ड्राइंग रूम की किसी एक दीवार को बाकी से अलग कंट्रास्ट कलर से पेंट कराकर नयापन ला रहे है। डार्क शेड्स को लाइट शेड्स कर रहे है। वहीं घर को पेंट कराने की बजाए सिर्फ परदे बदलकर घर को सजाने का नया ट्रेंड आया है। कॉटन के अलावा नेट, सिल्क, टिश्यू, ब्रासो टाइगर, क्रश आदि के परदे पसंद किए जा रहे है।
ट्रेडिशनल स्टाइल
पारम्परिक तरीकों को भी अपना रहेसोफे या कुर्सियों की जगह अब ट्रेडिशनल स्टाइल अपनाई जा रही है। सोफे-कुर्सियों की संख्या कम कर कमरे में नीचे बैठक बनाया जा रहा है। नीचे बैठक से बैठने में नएपन का अहसास होता है। टेराकोटा से बने शो पीस के अलावा गमले, दीपक स्टैंड, विंड चाइम से भी घरों को सजाया जा रहा है।
Updated on:
16 Jul 2022 03:42 pm
Published on:
16 Jul 2022 03:42 pm
