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अब सरकारी स्कूलों में प्रार्थना के बाद बच्चों को मिलेगा दूध का गिलास

अब जुलाई से सरकारी विद्यालयों में बच्चों को प्रार्थना के बाद दूध का गिलास मिलेगा।
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MID DAY MEEL ANNAPURNA DOODH YOJNA

अब सरकारी स्कूलों में प्रार्थना के बाद बच्चों को मिलेगा दूध का गिलास

फेक्ट फाइल-
जिले में प्राथमिक विद्यालय- 1944
जिले में उच्च प्राथमिक विद्यालय- 800
अध्ययनरत बालक- 82,577
अध्ययनरत बालिकाएं - 92,087
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
फलोदी. अब जुलाई से सरकारी विद्यालयों में बच्चों को प्रार्थना के बाद दूध का गिलास मिलेगा। जिससे अध्ययनरत बच्चों को के पोषण स्तर में वृद्धि होगी तथा आवश्यक मेक्रो व माइक्रो न्यूट्रिएन्ट्स भी मिलेंगे। बता दें कि २०१८-१९ बजट में मिड डे मील के अन्तर्गत अन्नपूर्णा दूध योजना शुरू करने की घोषणा की गई थी। इसको लेकर अब सरकार द्वारा दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए है तथा अब २ जुलाई से सरकारी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा १ से ८ तक बच्चों को सप्ताह में तीन दिन प्रार्थना के बाद दूध मिलेगा।
१५० मिली व २०० मिली मिलेगा दूध-
आयुक्तालय राजस्थान सरकार मिड डे मील द्वारा जारी दिशा निर्देश में वर्तमान में मिड डे मील योजना में लाभान्वित समस्त राजकीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय, मदरसों, स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर में अध्ययनरत कक्षा १ से ८ तक के बच्चों को शामिल किया गया है। जहां सप्ताह में तीन दिन बच्चों को ताजा व गर्म दूध उपलब्ध करवाया जाएगा। इसमें कक्षा १ से ५ तक के बच्चों को १५० मिली प्रतिदिन व कक्षा ६ से ८ तक बच्चों को २०० मिली दूध प्रतिदिन दिया जाएगा। इसके लिए शहरी क्षेत्र सोमवार, बुधवार व शुक्रवार तथा ग्रामीण क्षेत्र में सोमवार, बुधवार व शुक्रवार अथवा मंगलवार, गुरुवार व शनिवार के दिन तय किए गए है। दूध गर्म करने के लिए आवश्यक बर्तनों के लिए २५०० रुपए तथा गिलास के लिए प्रति विद्यार्थी २० रु की राशि अतिरिक्त दी जाएगी। (निसं)
दूध में यह होगी गुणवत्ता-
विद्यालयों में बच्चों को दूध उपलब्ध करवाने के लिए एसएमसी या गठित कमेटी शहरी क्षेत्र में सरस डेयरी बूथ से पाश्च्यूरीकृत टोंड मिल्क क्रय करेगी तथा ग्रामीण क्षेत्र में पंजीकृत दुग्ध सहकारी समिति, महिला स्वयं सहायता समूह, अन्य स्वयं सहायता समूह या अन्य स्रोत से दूध क्रय किया जाएगा। क्रय किए जाने वाले दूध की प्रति १०० मिली मात्रा में ३.२ ग्राम प्रोटीन, ३.० ग्राम वसा, ५८ कैलोरी, ४.६ ग्राम कार्बाेहाइडे्रट पोषक तत्व होने आवश्यक है। (निसं)
इनका कहना है-
अन्नपूर्णा दूध योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिए जाएंगे। विद्यालयों में २ जुलाई से बच्चों को दूध वितरित किया जाएगा। इस योजना को लेकर समय-समय पर निरीक्षण भी सुनिश्चित किया जाएगा।
भीखमचंद सुथार, एबीईईओ, फलोदी
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