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India: इस विश्वविद्यालय में संविधान पर आधी रात को कार्यशाला

- आजादी से पहले रात 11 बजे संविधान सभा का हुआ था विशेष सत्र , नेहरु ने दिया था नियति से सामना विषय पर एतिहासिक भाषण
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India: इस विश्वविद्यालय में संविधान पर आधी रात को कार्यशाला

India: इस विश्वविद्यालय में संविधान पर आधी रात को कार्यशाला

जोधपुर. आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के एक घण्टे पहले जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में संविधान सभा के विशेष सत्र की तरह विशेष ऑनलाइन कार्यशाला आयोजित की गई। जिस तरह संविधान सभा की प्रक्रिया हुई, ठीक उसी का पालन करते हुए रात 12 बजे विवि ने विद्यार्थियों को संविधान सभा के सदस्यों की तरह शपथ भी दिलाई। वास्तव में आज ही के दिन संविधान सभा ने देश का शासन ब्रिटिश साम्राज्य से अपने हाथ में ले लिया और इसी समय पंडित जवाहरलाल नेहरु ने नियति से सामना विषय पर ऐतिहासिक भाषण दिया।

व्यास विवि की ओर से 9 दिसम्बर 2021 से संविधान सभा के कार्य पर हुबहू कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है जो संविधान सभा के विभिन्न सत्र के समानांतर चल रही है ताकि विद्यार्थियों को संविधान सभा के उद्देश्य व उनके सदस्यों की वास्तविक भारत निर्माण की मंशा से अवगत कराया सके। लॉर्ड माउंटबेटन ने जब 15 अगस्त को भारत के स्वतंत्र होने की घोषणा की थी, उस दिन संविधान सभा ने 14 अगस्त की रात 11 बजे विशेष सत्र का आयोजन करने का निर्णय किया था जो रात 12.10 तक चला था। इसमें सुचेता कृपलानी ने वंदेमातरम..., सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा.... और अंत में राष्ट्रगान गाया था। हंसा मेहता ने उसी रात को संविधान सभा को तिरंगा भेंट किया।

यह हुआ था 14 अगस्त 1947 की रात को
- सुचेता कृपलानी द्वारा वन्दे मातरम् का गायन
- सभा अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद का देश की आज़ादी के संघर्ष पर उद्बोधन
- पंडित नेहरू का ऐतिहासिक नियति से सामना भाषण
- चौधरी खलीकजमा और सर्वपल्ली राधा कृष्ण का उद्बोधन
- रात 12 बजे शपथ
- संविधान सभा द्वारा शासन ग्रहण करना
- लॉर्ड माउंटबेटन को वायसराय बनाने का प्रस्ताव
- हंसा मेहता द्वारा राष्ट्रीय ध्वज भेंट करना
- सुचेता कृपलानी द्वारा सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्ताँ और जन गण मन का गान