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जोधपुर में बनेगा बाजरा का सीड हब व सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, बीजों की गुणवत्ता व मूल्य संवर्धन पर होगा काम

पूरे देश में करीब 70-90 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में बाजरा होता है। इसमें सर्वाधिक करीब 50 लाख हैक्टेयर क्षेत्र राजस्थान में है।
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जोधपुर. केन्द्र सरकार ने बाजरा की सर्वाधिक उपज वाले राजस्थान में दो सीड हब बनाने का निर्णय किया है। इनमें से एक जोधपुर व दूसरा सुमेरपुर (पाली) में बनना प्रस्तावित है। इसके अलावा, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आन्ध्रप्रदेश में भी सीड हब बनेंगे। सीड हब में बाजरा की विभिन्न किस्मों की गुणवत्ता सुधार, उन्नत बीज उत्पादन व वितरण का काम होगा। जोधपुर का सीड हब मण्डोर स्थित कृषि विश्वविद्यालय में चल रहे अखिल भारतीय समन्वित बाजरा अनुसंधान परियोजना केन्द्र के अधीन संचालित होगा। सीड हब की लागत करीब डेढ़ करोड़ रुपए होगी। पूरे देश में करीब 70-90 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में बाजरा होता है। इसमें सर्वाधिक करीब 50 लाख हैक्टेयर क्षेत्र राजस्थान में है।

बाजरा सीड हब के साथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी बनेगा जहां बाजरा के विभिन्न उत्पादों के मूल्य संवर्धन के लिए छोटे उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही बाजरा उत्पादों के माध्यम से नए उद्यमियों को जोड़ा जाएगा। केन्द्र सरकार ने देश में खाद्य व पोषण सुरक्षा में योगदान देने की बहुत क्षमता देखते हुए करीब तीन माह पूर्व बाजरा को राष्ट्रीय अनाज घोषित किया है। विभिन्न अनुसंधानों में बाजरा में पोषण संबंधी विशेषताएं अन्य अनाजों की तुलना में अधिक पाइ गई। इसे देखते हुए बाजरा को सार्वजनिक वितरण प्रणाली में शामिल करने की भी घोषणा की गई है।

विभिन्न बीमारियों में कारगर होगा

बाजरा में पोस्ट प्रेंडियल ब्लड ग्लूकोज लेवल व ग्लाइकेसिलेटेड हेमोग्लोबिन कम पाया जाता है। जो भारत में तेजी से बढ़ती जा रही मधुमेह बीमारी के निदान में मुख्य भूमिका निभाएगा। इसके अलावा, बाजरा ब्लड प्रेशर आदि बीमारियों के निदान में भी कारगर सिद्ध होगा।

नई संकर किस्मों में पोषक तत्व ज्यादा


अखिल भारतीय समन्वित बाजरा अनुसंधान परियोजना जोधपुर की प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर डॉ. सी. तारा सत्यवती के अनुसार बाजरा की नई संकर किस्मों में आयरन व जिंक तत्वों की अधिकता पाई गई। यह कुपोषण समाप्त करने में मुख्य भूमिका निभाएंगे।

नई किस्म------- आयरन(पीपीएम) ----- जिंक (पीपीएम )

एमएच 2185------------- 91--------43
एमएच 2174------------- 84--------41
एमएच 2173------------- 83-------- 46
एमएच 2179------------- 83--------39
एमएच 2107------------- 66------- 38
एमएच 2155------------- 60------- 44
एमएच 2114------------- 57------- 35
एमएच 2082------------- 52------- 36