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MILLETS— 5 करोड़ की लागत से बनेगा मिलेट्स का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

+ प्रदेश में बाजरा का सर्वाधिक उत्पादन, जोधपुर में बनेगा मिलेट्स का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस- बाजरा, रागी, कांगनी की नई किस्मों पर होगा शोध - 5 करोड़ की लागत से कृषि विवि में बन रहा बाजरा का सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस
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जोधपुर

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Amit Dave

May 16, 2023

MILLETS--- 5 करोड़ की लागत से बनेगा मिलेट्स का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

MILLETS--- 5 करोड़ की लागत से बनेगा मिलेट्स का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

जोधपुर।

संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से वर्ष 2023 को अन्तरराष्ट्रीय मिलेट ईयर घोषित किया गया है। राजस्थान (विशेषकर पं राजस्थान )बाजरा का सर्वाधिक उत्पादकता वाला राज्य है। राज्य सरकार की ओर से प्रदेश में बाजरा व अन्य मोटे अनाजों पर शोध-अनुसंधानों को बढ़ावा देने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा। कृषि विश्वविद्यालय में प्रस्तावित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बाजरा व अन्य मोटे अनाजों की नई किस्मों पर शोध के अलावा विभिन्न उत्पादों से मूल्य संवर्धन के लिए छोटे उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही, बाजरा उत्पादों के माध्यम से नए उद्यमियों को जोड़ा जाएगा। राज्य सरकार की बजट घोषणा के अनुरूप कृषि विवि में करीब 5 करोड़ रुपए की लागत से सेंटर बनाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार ने देश में खाद्य व पोषण संबंधी सुरक्षा में योगदान देने की बहुत अधिक क्षमता को देखते हुए करीब दो वर्ष पूर्व बाजरा को राष्ट्रीय अनाज घोषित किया था। विवि में वर्तमान में बाजरा, रागी, कांगनी सहित अन्य मोटे अनाजों पर शोध चल रहा है।

पूरे देश में बाजरे का करीब 70-90 लाख हैक्टेयर क्षेत्र है। इनमें सर्वाधिक बाजरा राजस्थान में करीब 47-50 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में होता है।

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सीड हब में हो रहा गुणवत्ता पर काम

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के अलावा राजस्थान में बाजरा का सीड हब जोधपुर व दूसरा तिल का सीड हब सुमेरपुर में संचालित हो रहा है। सीड हब में बाजरा की विभिन्न किस्मों, उनकी गुणवत्ता सुधार, उन्नत बीज उत्पादन व वितरण का काम चल रहा है। जोधपुर में सीड हब मण्डोर स्थित कृषि विश्वविद्यालय में चल रहे अखिल भारतीय समन्वित बाजरा अनुसंधान परियोजना केन्द्र के अधीन संचालित हो रहा है।

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विभिन्न बीमारियों में कारगर

विभिन्न अनुसंधानों में बाजरा में पोषण संबंधी विशेषताएं अन्य अनाजों की तुलना में अधिक पाइ गई। अनुसंधानों के निष्कर्षो के अनुसार, बाजरा में पोस्ट प्रेंडियल ब्लड ग्लूकोज लेवल व ग्लाइकेसिलेटेड हेमोग्लोबिन कम पाया जाता है। जो भारत में तेजी से बढ़ती जा रही मधुमेह बीमारी के निदान में मुख्य भूमिका निभाएगा। इसके अलावा, बाजरा ब्लड प्रेशर आदि बीमारियों के निदान में भी कारगर साबित हुआ है।

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विवि परिसर में बाजरा व अन्य मोटे अनाजों पर शोध तो चल ही रह है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर का काम प्रगति पर है।

प्रो बीआर चौधरी, कुलपति

कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर