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SPORTS—खेलों में गड़बड़झाला: हॉकी-एथलेटिक्स के शारीरिक शिक्षक सिखाएंगे तीरंदाजी

- नियमो की अनदेखी, चहेतों को मौका - शाला क्रीड़ा संगम में 10-10 खेलों के 2-2 शारीरिक शिक्षक लगाने थे - मुख्यमंत्री की योजना पर फिर रहा पानी
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जोधपुर

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Amit Dave

Jan 25, 2023

SPORTS---खेलों में गड़बड़झाला: हॉकी-एथलेटिक्स के शारीरिक शिक्षक सिखाएंगे तीरंदाजी

SPORTS---खेलों में गड़बड़झाला: हॉकी-एथलेटिक्स के शारीरिक शिक्षक सिखाएंगे तीरंदाजी

जोधपुर।

राज्य सरकार की खिलाडि़यों को तैयार करने की योजना पर पानी फिरता नजर आ रहा है। सरकार की महत्ती योजना के अनुसार प्रत्येक संभाग मुख्यालय पर पर खेल मैदान व प्रशिक्षण के लिए 10-10 खेलों के खेलवार 2-2 प्रशिक्षित शारीरिक शिक्षक लगाने थे। बजट घोषणा 2022 -23 के अनुसार, निदेशालय बीकानेर की ओर से उन प्रशिक्षित शारीरिक शिक्षकों को बुलाकर साक्षात्कार लिए गए। जिसमें संबंधित संभाग के संयुक्त निदेशक भी मौजूद थे। लेकिन साक्षात्कार के शारीरिक शिक्षकों के बावजूद संबंधित खेल से उल्टे शारीरिक शिक्षकों को लगाया गया। इसको लेकर शारीरिक शिक्षकों में रोष है। उनका कहना है कि जब एप्रोच के आधार पर अपने चहेते शारीरिक शिक्षकों को लगाना था, तो यह औपचारिकता क्यों ?

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बेमेल खेल व शारीरिक शिक्षक

- अब हॉकी और एथलेटिक्स के शारीरिक शिक्षक तीरंदाजी सिखाएंगे

- जूडो के शारीरिक शिक्षक कुश्ती सिखाएंगे ।

- फुटबॉल के शारीरिक शिक्षक बास्केटबॉल सिखाएंगे।

- वहीं कबड्डी, कुश्ती व टेबल टेनिस का एक भी शारीरिक शिक्षक नहीं लगाया गया है।

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प्रदेशभर में यहीं गडबड़झाला

नियमों के विपरीत चयन का यह गड़बड़झाला जोधपुर ही नहीं बल्कि पाली, जयपुर कोटा उदयपुर झालावड चुरू बीकानेर व भरतपुर केन्द्रों पर भी हुआ। कोटा में एक ही खेल के 7 शारीरिक शिक्षकों का चयन कर लिया गया, जबकि प्रत्येक खेल से 2-2 शारीरिक शिक्षक लगाने थे।

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करोड़ों खर्च करती है एनआईएस कोचिंग पर

माध्यमिक निदेशालय बीकानेर की ओर से प्रत्येक वर्ष नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया में एनआईएस कोचिंग के लिए शारीरिक शिक्षकों को पूर्ण वेतन प्रशिक्षण दिलाने के लिए भेजती है। ऐसे बहुत से एनआईएस कोचिंग डिप्लोमाधारी शारीरिक शिक्षक है, जिन्होंने अपने खेल का साक्षात्कार दिया, लेकिन उनका चयन नहीं हुआ। उनकी येग्यता के अनुसार उन केन्द्रों पर लगाा चाहिए था, जिससे मुख्यमंत्री की सोच के अनुसार खिलाडी तैयार किए जा सके।इस बार 23 शारीरिक शिक्षक प्रशिक्षण लेने के लिए विभिन्न केंद्रों पर गए। जिन पर करीब डेढ़ करोड़ रुपए खर्च होंगे। यह प्रशिक्षित कोच प्रदेश में अन्य खिलाड़ियों को तैयार करेंगे, जबकि इसका उलट बिना प्रशिक्षण वाले शारीरिक शिक्षकों को चयनित केंद्रों पर लगा दिया गया है ।

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अधिकारियों के जवाब

निदेशालय जानता है। मैं किसी प्रोग्राम में हूं।

प्रेमचंद सांखला, संयुक्त निदेशक

स्कूल शिक्षा मण्डल, जोधपुर

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मैं यह मामला दिखवाता हूं और जांच करता हूं।

अरविन्द व्यास,उप निदेशक शारीरिक शिक्षा

निदेशालय, बीकानेर

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