10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जोधपुर सेंट्रल जेल में नहीं थम रहा मोबाइल बरामदगी का क्रम, अब वॉट्सएप चलाता मिला बंदी

गौरतलब है कि गत रविवार को भी पुलिस ने जेल की सघन तलाशी लेकर ने चार मोबाइल व सिमें जब्त की थी। इस संबंध में रातानाडा थाना पुलिस जांच कर रही है।
2 min read
Google source verification
jodhpur central jail news

Jodhpur central jail, jodhpur central jail prisoners, jodhpur central jail latest news, mobile sim recovered at jodhpur central jail, jodhpur news, jodhpur news in hindi

जोधपुर. केन्द्रीय कारागार जोधपुर में बंदियों के पास मोबाइल मिलने का क्रम जारी है। चार मोबाइल व सिमें जब्त होने के तीन दिन बाद ही जेल प्रशासन की आकस्मिक जांच में एक बंदी मोबाइल पर वाट्सएप व फेसबुक संचालित करता मिला। उससे मोबाइल जब्त कर रातानाडा थाने में मामला दर्ज कराया गया है। पुलिस के अनुसार जेल में बंदी देवाराम पुत्र चुन्नीलाल सीरवी के पास एक मोबाइल होने और उसमें वाट्सएप व फेसबुक अपडेट किए जाने की सूचना मिली। इस पर जेल प्रशासन ने बंदी के बैरिक में दबिश दी और सघन तलाशी ली। इस दौरान उसके कब्जे से एन्ड्रॉयड मोबाइल व सिम जब्त हुई। जेल प्रशासन की तरफ से बंदी देवाराम के खिलाफ रातानाडा थाने में मामला दर्ज कराया गया है। गौरतलब है कि गत रविवार को भी पुलिस ने जेल की सघन तलाशी लेकर ने चार मोबाइल व सिमें जब्त की थी। इस संबंध में रातानाडा थाना पुलिस जांच कर रही है।

तीन जुआरी और शराब तस्कर तड़ीपार

अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के खिलाफ अभियान के तहत बुधवार को तीन जुआरी और एक शराब तस्कर को जिले से बाहर कर दिया गया। पुलिस उपायुक्त (पूर्व) डॉ. अमनदीपसिंह कपूर ने बताया कि जुआ और सट्टे के आरोपी सूरसागर थानान्तर्गत भूरटिया बस्ती निवासी दिलीप पुत्र डूंगरराम भील को एक महीने के लिए जैसलमेर पुलिस के नियंत्रण में रहने और जयनारायण व्यास कॉलोनी निवासी धीेरेन्द्र पुत्र माणकलाल को पन्द्रह दिन के लिए पाली पुलिस के अधीन रहने के निर्देश दिए गए हैं। जबकि मसूरिया नट बस्ती निवासी काशीराम पुत्र रणछोड़दास साद को एक महीने के लिए पाली पुलिस अधीक्षक के नियंत्रण में रहने के आदेश दिए हैं। लूणी थानान्तर्गत शिकारपुरा में नई आबादी निवासी गणपतदान पुत्र बाबूदान राव को पन्द्रह दिन के लिए निष्कासित कर जालोर पुलिस के अधीन रहने के आदेश दिए गए हैं। गणपतदान के खिलाफ आबकारी अधिनियम के दो मामले दर्ज हैं और दोनों में सजा हो रखी है।