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राजस्थान की इस जेल में इतने रुपए में मिल जाता है मोबाइल और सिम! हत्या के आरोपी ने किया बड़ा खुलासा

Jodhpur Central Jail: आकिब चार साल जेल में बंद रह चुका है। पूछताछ में उसने कबूला कि जेल में बंदियों को कई सुविधाएं मिलती हैं। दस हजार रुपए का मोबाइल व सिम चार से पांच गुना अधिक यानि 40 से 50 हजार रुपए में मिल जाती है।

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Mobile in Jodhpur Central Jail

प्रतीकात्मक तस्वीर

जोधपुर सेंट्रल जेल में बंदियों को सबकुछ उपलब्ध होता है, लेकिन इसके लिए रुपए देने होते हैं और वो भी कई गुना अधिक। यह अमूमन सुनने में आता रहता है। जेल प्रहरी की मिलीभगत से जेल में मोबाइल सिम पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार एक युवक ने पूछताछ में कबूला कि जेल में आसानी से मोबाइल व सिम मुहैया होती है, लेकिन इसके लिए बंदियों को चार से पांच गुना अधिक भुगतान करना होता है। यदि दस हजार रुपए का मोबाइल है तो जेल के अंदर उसके 40-50 हजार रुपए लगते हैं।

दरअसल, जेल में गत वर्ष 16 मोबाइल व नौ सिमें जब्त की गईं थीं। रातानाडा थाने में एफआइआर दर्ज कराई गई थी। इनमें से दो सिम नागौरी गेट निवासी हुसैन के नाम थी। पुलिस ने उससे पूछताछ की सामने आया कि वह आकिब को सिम देता था। आकिब इन सिम को जेल प्रहरी राजेश बिश्नोई तक पहुंचाता था, वहां से सिमें जेल के अंदर भेजी गईं थी। पुलिस ने हुसैन, आकिब और फिर जेल प्रहरी राजेश बिश्नोई को गिरफ्तार किया था। फिलहाल तीनों जेल भिजवा दिया गया है।

रातानाडा थानाधिकारी दिनेश लखावत का कहना है कि हुसैन, आकिब व जेल प्रहरी राजेश को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। इनसे पूछताछ में कुछ और नाम सामने आए हैं। आकिब ने जेल में दस हजार का मोबाइल चार-पांच गुना अधिक दर से मिलने की जानकारी दी।

दस हजार का मोबाइल 40 से 50 हजार में मिलता

आकिब चार साल जेल में बंद रह चुका है। पूछताछ में उसने कबूला कि जेल में बंदियों को कई सुविधाएं मिलती हैं। दस हजार रुपए का मोबाइल व सिम चार से पांच गुना अधिक यानि 40 से 50 हजार रुपए में मिल जाती है।

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जेल से छूटते ही प्रहरी के मार्फत मोबाइल-सिमें भेजी

आकिब डेढ़ साल पहले जमानत पर जेल से छूटा था। तब से अब तक वह 40-50 मोबाइल व सिमें जेल में भिजवाना कबूल कर चुका है। जेल से बाहर आने के दौरान ही प्रहरी से मोबाइल-सिम की व्यवस्था करने की बात तय हो गई थी। बदले में उसे प्रति मोबाइल व सिम के एक हजार रुपए दिए जाते थे।

हत्या के आरोप में चार साल बंद था जेल में

पुलिस स्टेशन प्रतापनगर में वर्ष 2019 में दर्ज हत्या के मामले में 5वीं रोड के पास निवासी आकिब को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। वह 19 अगस्त 2023 को जमानत पर जेल से बाहर आया था। वह करीब चार साल तक जेल में बंद रहा था।

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