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AIIMS: ब्रेकीथैरेपी व एसएबीआर पर 300 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत

AIIMS Jodhpur

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AIIMS: ब्रेकीथैरेपी व एसएबीआर पर 300 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत

AIIMS: ब्रेकीथैरेपी व एसएबीआर पर 300 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत

जोधपुर. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में चल रहे तीन दिवसीय युवा विकिरण ऑन्कोलॉजी के दसवें सम्मेलन का समापन रविवार को हुआ। सम्मेलन में कैंसर निदान की दो अत्याधुनिक तकनीकों ब्रैकीथेरेपी और स्टेरोटैक्टिक एब्लेटिव रेडियोथेरेपी पर 300 से अधिक शोध पत्र पढ़े गए। शोध पत्रों में पूरी दुनिया में इस तकनीक के बढ़ रहे इस्तेमाल और फायदे के बारे में बताया गया। सम्मेलन में एम्स दिल्ली, पीजीआई चंडीगढ और टाटा हॉस्पीटल मुम्बई के चिकित्सक भी शामिल हुए।

एम्स के विकिरण चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ पुनीत पारीक ने बताया कि ये दोनों ही प्रणालियां कैंसर के सटीक उपचार में अत्यंत कारगर हैं। डॉ. आकांक्षा सोलंकी ने बताया कि नीदरलैंड से डॉ इवान ने टार्गेटेड चिकित्सा और डॉ मॉर्गन ने सोशल मीडिया के कैंसर चिकित्सा प्रशिक्षण के योगदान पर अपना व्याख्यान दिया। एम्स के डॉ कुलदीप सिंह, डॉ राकेश कुमार व्यास और एआरओआई प्रतिनिधि डॉ वी श्रीनिवासन ने विचार रखे। डॉ धर्माराम पूनिया ने कैंसर सर्जरी व रेडिएशन के समन्वय के बारे में चर्चा की। एम्स के ओंकोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ जीवनराम विश्नोई ने संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ संजीव मिश्रा के इस दिशा में प्रयासों पर प्रकाश डाला। डॉ निवेदिता और डॉ प्रमोद ने नेशनल कैंसर क्वीज़ विजेताओं व उम्दा शोध पत्र प्रकाशकों को बधाई दी। टाटा संस्थान के डॉ सिद्धार्थ लस्कार ने कनाडा से आए डॉ विभय पारीक के अतुलनीय योगदान के बारे में बताया। सम्मेलन सचिव डॉ भारती देवनानी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।