10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जोधपुर में 1923 में से 560 से ज्यादा निजी स्कूल आरटीई पोर्टल पर नॉन एक्टिव

  पत्रिका अभियान....फीस की टीस
less than 1 minute read
Google source verification

जोधपुर. जोधपुर में राइट टू एजुकेशन (आरटीई) के तहत 1923 निजी स्कूल पंजीकृत हंै। जबकि इनमें अल्पसंख्यक कैटेगरी के स्कूलों को आरटीई के दायरे से बाहर रखा गया है। इनमें शहर के कई नामचीन स्कूल शामिल हैं और 560 से ज्यादा निजी स्कूल हैं, आरटीई पोर्टल पर भी नॉन एक्टिव है। कई स्कूल बंद हो गए तो कइयों में बच्चों का प्रवेश भी नहीं है। इन विद्यालयों को पोर्टल से हटाया भी नहीं जा रहा।

हर साल ऐसे विद्यालयों को पोर्टल से नहीं हटाने के कारण अभिभावकों में प्रवेश प्रक्रिया के दौरान असमंजस पैदा होता है। ये स्कूल सरकार की ओर से भवन परिवर्तन की बाध्यता, बच्चे नहीं आने व फीस समय पर नहीं आने के कारण नोन एक्टिव हुए हैं। जोधपुर में आरटीई पंजीकृत एक्टिव स्कूल 1333 स्कूल हैं।

किताबें भी नि:शुल्क नहीं देते

आरटीई नॉम्र्स के अनुसार निजी स्कूलों को अपने यहां हर साल शुरुआती कक्षा में 25 फीसदी असुविधाग्रस्त व दुर्बल वर्ग के बच्चों को नि:शुल्क प्रवेश देना होता है। निजी स्कूलें इन्हें प्रवेश तो दे देती है, लेकिन कई स्कूल नियमानुसार किताबें नि:शुल्क नहीं देती। इसको लेकर कई अभिभावकों ने समय-समय पर सरकार के समक्ष शिकायतें भी की, लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से कोई कठोर कार्रवाई नहीं होती। निजी स्कूलों का तर्क रहता है कि सरकार की ओर से मिलने वाली पुनर्भरण राशि नाकाफी है।

इनका कहना है...

कई निजी स्कूल बिना सूचना दिए बंद होती है। इस कारण पोर्टल पर पंजीकृत रहती है। इसके अलावा आरटीई प्रवेशित विद्यार्थियों की एवज निजी स्कूलों को पुस्तकों के लिए सरकार पुनर्भरण भी देती है।
- ओमप्रकाश टाक, एडीईओ व आरटीई प्रभारी, जोधपुर