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न्यायाधीशों के आधे से अधिक पद खाली, बार कौंसिल ने जताई चिंता

बार कौंसिल ऑफ राजस्थान की साधारण सभा की बैठक में कई प्रस्ताव पारित, रतनसिंह राव कौंसिल उपाध्यक्ष
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Ratan singh Rao

Ratan singh Rao

जोधपुर.

राजस्थान हाईकोर्ट (rajasthan highcourt) में न्यायाधीशों के आधे से ज्यादा पद रिक्त होने पर बार कौंसिल ऑफ राजस्थान (Bar Council of Rajasthan) ने चिंता व्यक्त की है।

कौंसिल की शनिवार को आयोजित साधारण सभा की बैठक में सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश (Chief Justice of Supreme Court), केंद्रीय कानून मंत्री (Union Law Minister) और बार कौंसिल ऑफ इंडिया (Bar Council of India) से न्यायाधीशों के रिक्त पद शीघ्र भरने का अनुरोध करने का प्रस्ताव पारित किया।

कौंसिल के चेयरमैन चिरंजीलाल सैनी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राजस्थान अधिवक्ता कल्याण कोष अधिनियम, 1987 के प्रावधानों में आवश्यक संशोधन के संबंध में राज्य सरकार से प्राप्त आपतियों का सर्वसम्मति से निस्तारण करते हुए प्रस्ताव को पुन: राज्य सरकार को भेजने का फैसला किया।

कौंसिल राज्य सरकार से मांग करेगी कि प्रस्तावित संशोधनों को आगामी विधानसभा में पारित करवाया जाए। बैठक में कौंसिल के वर्ष 2019-20 के बजट का अनुमोदन भी किया गया।


कौंसिल के सदस्य बलजिंदरसिंह संधू ने बैठक के दौरान कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 50 के मुकाबले वर्तमान में मुख्य न्यायाधीश सहित केवल 22 न्यायाधीश कार्यरत हैं। इसके चलते लंबित मुकदमों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस पर सर्वसम्मति ने रिक्त पद भरने के संबंध में कौंसिल के स्तर पर उचित अनुरोध करने और अधिवक्ता कोटे से एडीजे की रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और इसके लिए जल्द ही परीक्षा आयोजित करने का अनुरोध करने का प्रस्ताव पारित किया।

साथ ही यह मांग भी की कि अधिवक्ता कोटे से भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं होने तक कोई अन्य भर्ती नहीं की जाए। कौंसिल इस संबंध में हाईकोर्ट को अपना प्रतिवेदन प्रस्तुुत करेगी। बैठक में अधिवक्ता अधिनियम 1961 के तहत अधिवक्ताओं के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों का भी निस्तारण किया।पदाधिकारियों का चुनाव

साधारण सभा ने सर्वसम्मति ने रतनसिंह राव को कौंसिल उपाध्यक्ष, को-चैयरमेन के चार पदों पर इंद्रराज चौधरी, रामप्रसाद सिंगारिया, सुनील बेनीवाल और हरेन्द्रसिंह सिनसिनवार को चुना गया।

ये प्रस्ताव पारित

- राजस्थान न्यायिक सेवा भर्ती में पात्रता के लिए तीन वर्ष के वकालत के अनुभव की अनिवार्यता संबंधी अनुरोध करने का प्रस्ताव।
- वरिष्ठ अधिवक्ता के मनोनयन के सम्बंध में सभा ने सर्वसम्मति ने हाईकोर्ट से यह निवेदन करने का निर्णय किया कि चयन समिति में वरिष्ठ अधिवक्ताओं को बार कौंसिल के माध्यम से नामित किया जाए और वरिष्ठ अधिवक्ता आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए। यह अवधि 31 अगस्त को समाप्त हो गई है।

-बार कौंसिल कार्यालय को पेपर-लेस करने और सदस्यों को भेजी जाने वाली सूचनाएं, नोटिस आदि ईमेल या वाट्सएप से भेजने का निर्णय किया गया।