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सांसारिक मोह माया छोड़ कर मां पुत्र पुत्री ने की भागवती दीक्षा अंगीकार

जोधपुर में साधु मार्गी जैन संघ के राष्ट्र्रीय संत आचार्य रामेश के सानिध्य में दीक्षा
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सांसारिक मोह माया छोड़ कर मां पुत्र पुत्री ने की भागवती दीक्षा अंगीकार

सांसारिक मोह माया छोड़ कर मां पुत्र पुत्री ने की भागवती दीक्षा अंगीकार

जोधपुर. सांसारिक मोह माया छोड़ कर शुक्रवार को जोधपुर जिले के तीन मुमुक्षुओं ने संयम पथ पर चलने का निर्णय लेते हुए साधु जीवन के लिए भागवती दीक्षा ग्रहण की। भागवती दीक्षा ग्रहण करने वालों में जोधपुर जिले के देणोक निवासी 39 वर्षीय तारादेवी और उनकी 19 वर्षीय पुत्री दीपिका और 17 वर्षीय पुत्र गौरव बैद शामिल है। जो दीक्षा ग्रहण करने के बाद क्रमश: साध्वी तारिका, साध्वी दीपिका और मुनि गुणीश बन गए। इनमें मां और पुत्री का वैराग्य काल 1 वर्ष और पुत्र गौरव का वैराग्य काल छह माह है। नव दीक्षित दीपिका वाणिज्य में स्नातक है और धार्मिक अध्ययन में श्रवण प्रतिक्रमण, 25 बोल थोकड़ा, उत्तराध्ययन सूत्र का अध्ययन भी किया है। सभी मुमुक्षुओं ने शुक्रवार को सादगी पूर्ण कार्यक्रम में परिजनों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए साधुमार्गी जैन परंपरा के प्रमुख संत आचार्य रामेश के सानिध्य में विधिवत भागवती जैन दीक्षा ग्रहण की । दीक्षा कार्यक्रम पावटा जोधपुर स्थित चोरडिया भवन प्रांगण में संपन्न हुआ। कोरोनाकाल में जोधपुर में तीन मुमुक्षुओं ने एक साथ भागवती दीक्षा ग्रहण का देश मे संभवत: पहला मामला है।