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़प्रकृति संरक्षण के लिए अरण्य संस्कृति की ओर चले

  अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर आयोजित वेबिनार में पाकिस्तान सहित देश विदेश के 372 प्रतिभागी हुए शामिल
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़प्रकृति संरक्षण के लिए अरण्य संस्कृति की ओर चले

़प्रकृति संरक्षण के लिए अरण्य संस्कृति की ओर चले

जोधपुर. अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर जेएनवीयू नवस्थापित वाइल्डलाइफ रिसर्च एवं अवेयरनेस सेन्टर व झुंझुनू के सेठ जीबी पोद्दार कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में 'हम जैव विविधता के सतत विकास के समाधान के हिस्सा हैÓ विषयक वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार की अध्यक्षता जेएनवीयू कुलपति प्रो. प्रवीण चन्द त्रिवेदी ने की। देश के विख्यात पर्यावरणविद सुन्दरलाल बहुगुणा के निधन पर उन्हे श्रद्धांजलि अर्पित कर प्रकृति संरक्षण के लिए अरण्य संस्कृति की ओर चलने पर बल दिया गया। वेबिनार संयोजक डॉ हेमसिंह गहलोत ने बताया कि वेबिनार में अमरीका से कैमल मिल्क रिसर्चर क्रिस्टीना अडस ने ऊंट पालन की वैश्विक संभावनाओं के बारे में बताया। मुख्यवक्ता क्षेत्रीय उप निदेशक, वाइल्डलाइफ क्राइम कण्ट्रोल ब्यूरो अग्नि मित्रा ने वन्यजीवों के अवैध व्यापार एवं इनकी रोकथाम में कार्यरत एजेंसीयो के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान भी देश के विभिन्न हिस्सों से टाइगर, हाथी, सांप, कछुआ, भालू, के अंगों का व्यापार हो रहा है। आयोजन सचिव डॉ दाऊ लाल बोहरा ने बताया कि वेबिनार में भारत के विभिन्न राज्यों सहित पाकिस्तान आदि देशों के 372 प्रतिभागियों व शोधार्थियों ने भाग लिया। वेबिनार में आईयूसीएन से जुड़े डॉ राजू व्यास, डॉ विजय कुमार कोली, डॉ टीसी गहलोत आदि ने भी विचार व्यक्त किए।

कार्यकम का संचालन डॉ एलसी विश्नोई ने किया। शुष्क वन अनुसंधान संस्थान, आफ री जोधपुर में जैव विविधता दिवस ऑनलाइन मनाया गया। मुख्य अतिथि जेएनवीयू प्रो. सुरजा राम जाखड़ ने भूवैज्ञानिक कालक्रम अनुसार परिवर्तन के बारे में जानकारी दी।