
फिलहाल निगम की सीमा बढऩे का सपना नहीं होगा पूरा, छह माह में दूसरी बार होगा पुनर्गठन
जोधपुर. हमारा शहर छह माह में ही दूसरा वार्ड पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन देखने जा रहा है। पहले 65 से 100 और अब दो नगर निगम के 160 वार्ड होंगे। स्वायत्त शासन विभाग ने इसके लिए कार्यक्रम तय कर एडवाइजरी जारी की है। इस बार उम्मीद है कि पुनर्सीमांकन ‘एररलेस’ होगा। पिछली बार की गलतियों से सीख लेकर पुनर्सीमांकन करने की हिदायत है। हालांकि अब भी नगर निगम की सीमाएं बढ़ाने को लेकर संशय बना हुआ है।
शहर को दो नगर निगम में बांट कर पुनर्सीमांकन करने की प्रक्रिया 15 नवम्बर से शुरू होगी। स्वायत्त शासन विभाग ने इसके लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। लेकिन नगर निगम की सीमा बढ़ाने की मांग को सरकार ने मंजूरी नहीं दी है। सरदारपुरा, शहर व सूरसागर विधानसभा क्षेत्र में ही यह पुनर्सीमांकन होगा। जब से दो निगम बनाने के आदेश हुए तब से आस-पास की बस्तियों में बसे लोग सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे थे। लेकिन अभी यह पूरी होती नहीं दिखी। प्रारंभिक तौर पर पुरानी सीमा में ही पुनर्सीमांकन का काम किया जाएगा। निगम सीमा में 10 लाख की जनसंख्या निवास करती है। जबकि आस-पास की कई बस्तियां हैं करीब 4 लाख लोग है जो रहते तो शहर में है लेकिन अब तक ग्राम पंचायत के अधीन आते हैं।
जोधपुर नगर निगम की स्थिति
- 2 नगर निगम में 160 वार्ड होंगे।
- 526615 जनसंख्या नगर निगम उत्तर में 80 वार्ड के साथ।
- 507141 जनसंख्या नगर निगम दक्षिण में 80 वार्ड के साथ।
वो गड़बडिय़ां जो न दोहराई जाए तो बेहतर
निर्देश : एक मकान दो वार्ड में न बांटा जाए।
जो आपत्ति थी : भाजपा जिलाध्यक्ष का मकान ही दो भागों में बांट कर निवासियों को अलग-अलग वार्ड में डाल दिया था।
निर्देश : वार्ड का सीमांकन सडक़ व गली के आधार पर किया जाए।
जो आपत्ति थी : पिछले बार 500 से ज्यादा आपत्तियां गलत रास्तों के सीमांकन को लेकर आई थी।
निर्देश : वार्ड नगर पालिका के लिए निर्धारित सीटों के अनुरूप सीमांकन होगा।
जो आपत्ति थी : पिछली बार 100 की बजाय 102 वार्ड का नक्शा जारी कर दिया गया था।
निर्देश : वार्ड जनसंख्या का अनुपात 10 प्रतिशत से अधिक या कम ही रखने को कहा गया।
जो आपत्ति थी : पिछले बार न्यूनतम वार्ड की जनसंख्या 5 हजार थी और अधिकतम 14 हजार तक भी थी।
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यह भी महत्वपूर्ण निर्देश
- ऐसा न हो कि किसी वार्ड में दो अलग-अलग थाना क्षेत्र, अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र या पीएचईडी, पीडब्ल्यूडी व डिस्कॉम अभियंताओं के अलग-अलग क्षेत्रााधिकार हो।
- वार्ड का संख्याकन नगर निगम के उत्तर पश्चिमी कोने से एनटीक्लॉकवाइज प्रारंभ करते हुए चक्रीय क्रम में किया जाएगा।
- वार्ड प्रस्ताव के साथ ही नगर निगम की मतदाता सूची भी तैयार करवाने का काम होगा।
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इस प्रकार है समय सीमा
- 15 नवम्बर से 13 जनवरी 2020 तक आयुक्तों की ओर से वार्ड में पुनर्सीमांकन के प्रस्ताव तैयार करना एवं प्रकाशन।
- 15 जनवरी से 13 फरवरी तक पुनर्सीमांकन के प्रस्तावों पर आपत्ति मांगना व प्राप्त करना।
- 14 फरवरी से 28 फरवरी के बीच वार्ड गठन प्रस्ताव नक्शे, प्राप्त आपत्तियों के साथ टिप्पणी कर राज्य सरकार को भिजवाना।
- 2 मार्च से 31 मार्च तक राज्य सरकार की ओर से आपत्तियों का निस्तारण व प्रस्तावों का अनुमोदन।
इनका कहना है...
अभी जो दिशा-निर्देश विभाग से मिले हंै उसमें सीमा बढ़ाने जैसा कुछ नहीं है। अभी पुरानी सीमा में ही पुनर्सीमांकन का काम शुरू करेंगे। यदि सरकार आगे कोई इस प्रकार के निर्देश देती है तो उचित कार्रवाई करेंगे।
- सुरेश कुमार ओला, आयुक्त, नगर निगम जोधपुर।
Published on:
09 Nov 2019 07:28 pm
