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एक महीने से बना रहा था हत्या-आत्महत्या की साजिश

- घर में पत्नी की हत्या कर पुत्र के गले पर चाकू से वार करने का मामला- चालीस लाख कर्जा होने से थे परेशान, साजिश में पत्नी भी थी शामिल- अस्पताल से छुट्टी मिलते ही आरोपी गिरफ्तार
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Murder and sucide planning were made from one month before

एक महीने से बना रहा था हत्या-आत्महत्या की साजिश


जोधपुर.
बनाड़ थानान्तर्गत संगम विहार कॉलोनी में चालीस लाख रुपए का कर्जा चढऩे से परेशान होकर भाजपा नेता के भाई ने पुत्र व पत्नी की हत्या के बाद आत्महत्या करने की साजिश रची थी। वह और पत्नी पिछले एक माह से साजिश का ताना-बाना बून रहे थे। मथुरादास माथुर अस्पताल से छुट्टी मिलने पर बनाड़ थाना पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी ने यह स्वीकार किया है।
थानाधिकारी प्रहलाद सिंह ने बताया कि संगम विहार कॉलोनी निवासी गजेन्द्र सिंह (४२) पुत्र किशन सिंह को अस्पताल से छुट्टी मिलते ही गिरफ्तार किया गया। वह वारदात के बाद से पुलिस की निगरानी में भर्ती था। उस पर चालीस लाख से अधिक रुपए का कर्जा हो रखा था। जो वह चुका पाने में असक्षम साबित हो रहा था। वह वीसी का संचालन करता था। जिसके चलते उस पर कर्जा हो गया था। उसने कुछ लोगों को उधार भी दिए, लेकिन वो उसे लौटा नहीं पाए थे।
गत २६ नवम्बर की रात बारह बजे पत्नी व पुत्र कुशाल सिंह अलग-अलग कमरे में सो गए थे। तडक़े करीब साढ़े तीन बजे उसने सो रही पत्नी को मारने के लिए देशी कट्टा निकाला और ट्रिगर दबा दिया था, लेकिन गोली मैग्जीन में फंस गई थी। तब उसने घर में रखे चाकू से सो रही पत्नी का गला रेतकर हत्या कर दी थी।
गौरतलब है कि गत २७ नवम्बर को आरोपी गजेन्द्र ने घर में घुसकर पत्नी की हत्या व उसे और पुत्र को घायल करने की साजिश रची थी। भाजपा मण्डल अध्यक्ष व भाई जेठू सिंह ने मामला दर्ज कराया था, लेकिन घायल पुत्र ने पिता की साजिश से पर्दा उठा दिया था।
पत्नी ने कहा था, पहले मुझे मारना
पुलिस का कहना है कि कर्ज अधिक होने से उसने यह साजिश रची थी। पत्नी सूरज कंवर भी साथ थी। यह साजिश एक माह से चल रही थी। तब पत्नी ने कहा कि सबसे पहले उसे ही मारना।
दस मिनट तक पुत्र का गला दबाया, लेकिन बच गया
पत्नी को मौत के घाट उतारने के बाद गजेन्द्र ने खुद के गले पर चाकू से एक वार किया। खून बहने लगा तो वह छत पर गया और देशी कट्टा बाहर फेंका। वह नीचे आया और पीछे कमरे में सो रहे पुत्र के गले पर वार किया और करीब दस मिनट तक उसका गला दबाए रखा, लेकिन चूंकि वह खुद घायल था और पुत्र हट्टा-कट्टा था। इसलिए पुत्र ने प्रतिरोध कर उसे दूर धकेल दिया था और वह बच गया था। इसके बाद उसने खुद के गले पर एक और कट मारकर आत्महत्या की कोशिश की थी।