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धरती पर कुछ यूँ प्राकृतिक रंग बिखेर रहा पतझड़!

जोधपुर जिले के बेलवा क्षेत्र के एक खेत में पेड़ से राज्य पुष्प रोहिड़े के फूलों के साथ गिरे पत्तें धरती पर एक अनूठा मनभावन प्राकृतिक रंग बिखेर रहे है।
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धरती पर कुछ यूँ प्राकृतिक रंग बिखेर रहा पतझड़!

धरती पर कुछ यूँ प्राकृतिक रंग बिखेर रहा पतझड़!

बेलवा (जोधपुर) . खेतों में रबी की फसल अब पकने लगी है, हर ओर सरसों, गेहूं, रायड़े की फसल की हरियाली आकर्षित करती नजर आ रही है। वहीं पतझड़ होने के चलते पेड़ों को पत्तियां व फूल पककर झड़ रहे है। हवा के साथ पतों की सरसराहट सुनाई दे रही है।

पुराने पत्तों की जगह पेड़ों में नये पत्ते आएंगे जो अपने साथ नयापन का अहसास भी लाएंगे। बसंत ऋतु के आगमन के साथ जिन पेड़ों पर पतझड़ के कारण पत्ते गिर चुके होते हैं और समूचा पेड़ कुछ अंतराल के लिए ठूंठ नज़र आता है, उसमें नए कोमल पत्तों का आना मन को हरियर कर देता है।

हल्के लालिमा लिए पीपल के पत्तों के संग मन मंद पवन के संग हिलोरें लेने लगता है। ऐसा लगता है इन्हें अपलक निहारते रहें। जोधपुर जिले के बेलवा क्षेत्र के एक खेत में पेड़ से राज्य पुष्प रोहिड़े के फूलों के साथ गिरे पत्तें धरती पर एक अनूठा मनभावन प्राकृतिक रंग बिखेर रहे है।