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पेट्रोलियम इंजीनियरिंग सहित एमबीएम के तीन और विभागों के लिए एनबीए मोहर की कवायद

JNVU News -सिविल, पेट्रोलियम और कम्प्यूटर साइंस विभाग के लिए जेएनवीयू करेगा आवेदन-होली के बाद 40 शिक्षकों की भर्ती होगी
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पेट्रोलियम इंजीनियरिंग सहित एमबीएम के तीन और विभागों के लिए एनबीए मोहर की कवायद

पेट्रोलियम इंजीनियरिंग सहित एमबीएम के तीन और विभागों के लिए एनबीए मोहर की कवायद

जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय से सम्बद्ध एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज ने अब पेट्रोलियम इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग और कम्प्यूटर साइंस विभाग के लिए नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रीटिटेशन (एनबीए) का सर्टिफिकेट लेने की कवायद शुरू कर दी है। आगामी जून महीने में एनबीए की टीम कॉलेज का दौरा करेगी। कॉलेज को विवि में अपग्रेड करने से पहले आधे से अधिक विभागों के एनबीए मान्यता मिलने से यह विवि देश के प्रमुख विवि में शामिल हो सकेगा।

एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज ने इस साल पहली बार मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और प्रोडक्शन एण्ड इण्डस्ट्रीयल इंजीनियरिंग (पीएण्डआई) में एनबीए के लिए आवेदन किया था। इसी महीने एनबीए ने अगले तीन शैक्षणिक सत्र के लिए तीनों पाठ्यक्रमों को मान्यता दे दी। कॉलेज में कुल दस विभाग हैं। पेट्रोलियम इंजीनियरिंग विभाग इस साल शुरू हुआ है। एनबीए के अनुसार नए विभाग के लिए अधिक शर्तें नहीं होती हैं। शेष दो अन्य विभागों के लिए कॉलेज व विवि प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। एनबीए मान्यता के लिए डिजिटल लाइब्रेरी, लेबोरेटरी, स्पोट्र्स फैसिलिटी, कल्चरल एक्टिविटी, इंटरनेट फंक्शनिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टूडेंट-टीचर अनुपात, सप्ताह में कक्षाएं सहित विभिन्न मानकों की जांच करेगी। एनबीए मान्यता मिलने के बाद कॉलेज को प्रोजेक्ट्स और अनुदान में आसानी रहेगी। खाड़ी देश सहित विदेश में नौकरी करने पर एनबीए रैकिंग होने पर जॉब में आसानी रहेगी।

अगले महीने से 40 नए शिक्षक मिलेंगे
एमबीएम कॉलेज ने फिक्स वेतन पर 40 नए शिक्षकों की भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू की है। ये शिक्षक कॉलेज के स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रम में भर्ती किए जाएंगे। ऐसे में एनबीए की टीम को समग्र रूप से शिक्षकों की संख्या दिखाने में आसानी रहेगी।

विधानसभा उप चुनाव के बाद विवि पर लगेगी मोहर
उच्च शिक्षा मंत्री भंवरसिंह भाटी ने एमबीएम कॉलेज को एमबीएम विश्वविद्यालय में अपग्रेड करने के लिए इसी सत्र में विधानसभा में विधेयक पेश किया था। विधानसभा स्थगित होने से इस पर चर्चा नहीं हो सकी। अब विधानसभा की तीन सीटों पर उप चुनाव के बाद होने वाले सत्र में विवि पर मोहर लगने की उम्मीद है।
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‘तीन और विभागों पेट्रोलियम, सिविल और कम्प्यूटर साइंस विभाग में एनबीए के लिए आवेदन किया जाएगा। तैयारियां शुरू कर दी है।’
प्रो सुनील शर्मा, डीन, एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज