राज्य सरकार के नए जिलों के नोटिफिकेशन के बाद जोधपुर ग्रामीण जिला के लोगों के मन में यह प्रश्न लगातार उठ रहे हैं कि उनका कलक्ट्रेट परिसर कहां होगा
जोधपुर। जोधपुर जिला अब सिर्फ जोधपुर शहर ही रह गया है। जबकि जोधपुर ग्रामीण की परिधि बढ़ गई है। गुड गर्वनेंस को ध्यान में रखकर नए जिलों के गठन के बाद शुरुआती दौर में जोधपुर ग्रामीण जिले के लोगों को दिक्कतें आएगी, क्योंकि प्रशासन के अधिकारिक सूत्रों के अनुसार जोधपुर ग्रामीण जिले के अधिकारी अस्थाई तौर पर जोधपुर कलेक्ट्रेट में ही बैठेंगे।
विभिन्न सरकारी कार्यालयों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। दरअसल, राज्य सरकार के नए जिलों के नोटिफिकेशन के बाद जोधपुर ग्रामीण जिला के लोगों के मन में यह प्रश्न लगातार उठ रहे हैं कि उनका कलक्ट्रेट परिसर कहां होगा? अधिकारी कहां बैठेंगे? हालांकि सरकार अभी तक यह तय नहीं कर पाई है कि जोधपुर ग्रामीण जिले का कलक्टर कार्यालय कहां होगा, लेकिन यह तय माना जा रहा है कि शुरुआती दौर में जोधपुर ग्रामीण जिले के कलक्टर सहित अन्य अधिकारियों को अस्थाई तौर पर जोधपुर जिले के कलक्ट्रेट में ही बिठाया जाएगा। जोधपुर जिले में जोधपुर उत्तर व दक्षिण तहसील में आने वाले राजस्व गांवों को इसमें शामिल किया गया है। इसमें कुड़ी भगतासनी तहसील और डांगियावास उप तहसील के गांव शहर से बाहर रहेंगे।
मिनी सचिवालय की तर्ज पर फलोदी कलक्ट्रेट कार्यालय होगा विकसित
इधर, फलोदी जिले का कलेक्ट्रेट मिनी सचिवालय की तर्ज पर विकसित होगा। इसकी कवायद पूर्व में ही अतिरिक्त जिला कलक्टर कार्यालय स्थापित होने के साथ ही की जा चुकी है। ऐसे में अब फलोदी जिला कलक्टर कार्यालय का संचालन भी वर्तमान में एडीएम कार्यालय में किया जाएगा। हालांकि कलक्टर कार्यालय का संचालन शुरू होने तक आईजीएनपी के प्रशासनिक भवन को भी तैयार किया गया है, लेकिन फिर भी सीएम अशोक गहलोत की ओर से एडीएम कार्यालय को ही कलक्टर कार्यालय के तौर पर उद्घाटन किया जाएगा। ऐसे में एडीएम कार्यालय में ही जिला कलक्टर कार्यालय का संचालन शुरू होगा। इसके लिए एडीएम कार्यालय के बोर्ड को बदलने की कवायद शनिवार देर शाम को शुरू करने के निर्देश भी जारी कर दिए है।
कई मोहल्लों पर लगेगी दो जिलों की सीमा
नगर निगम सीमा से बाहर निकलकर जो शहर बसा हुआ है, उसे अब जोधपुर ग्रामीण में शामिल किया गया है। ऐसे में जोधपुर शहर के कई मोहल्ले ऐसे हैं, जहां 2 जिलों की सीमा लगेगी। मधुबन हाउङ्क्षसग बोर्ड नगर निगम की सीमा क्षेत्र में आता है, लेकिन कुछ आगे निकलने पर जोधपुर ग्रामीण जिले की शुरूआत होगी। कमोबेश यही हालात बनाड़ रोड, सारण नगर, चौपासनी पाल रोड की भी रहेगी।
यूं बदल जाएगा स्वरूप
- लोअर कोर्ट अब जोधपुर जिले में जबकि हाईकोर्ट भवन ग्रामीण जिले में होगा।
- आईआईटी, कृषि विश्वविद्यालय, एनएलयू, एफडीडीआई और फिनटेक जैसे इंस्टीट्यूट नए जिले में होंगे।
- सबसे बड़ा सोलर पार्क अब जोधपुर जिले में नहीं, बल्कि फलोदी जिले में होगा।
- बोरानाडा, रीको और नए इंडस्ट्रीयल पार्क भी जोधपुर ग्रामीण में होंगे।
59 विभागीय कार्यालय एक ही स्थान पर
जिला स्तरीय कार्यालयों को ढूंढने में जिम्मेदारों को अधिक दुविधा न हो इसके लिए सभी स्वीकृत 59 जिला स्तरीय कार्यालयों का संचालन कलक्ट्रेट में ही किया जाएगा। इससे फलोदी का जिला कार्यालय मिनी सचिवालय के तर्ज पर विकसित होगा। जो प्रदेश में जयपुर के बाद पहला ऐसा कार्यालय होगा, जिसमें सभी जिला स्तरीय कार्यालय एक ही स्थान पर होगा। वर्तमान में जिला कलक्टर कार्यालय का कमरा 12 गुणा 16 का है, वहीं आईजीएनपी के प्रशासनिक भवन में कलक्टर कार्यालय का रूम 14 गुणा 16 का है। इसे भी ओएसडी की नियुक्ति के बाद आईजीएनपी में शुरू किया गया है। नवसृजित फलोदी जिले की घोषणा के बाद नियुक्त किए गए ओएसडी प्रशासनिक जसमीतसिंह संधू फलोदी जिले के पहले जिला कलक्टर व आईपीएस विनीत कुमार बंसल जिले के पहले पुलिस अधीक्षक होंगे। जो फलोदी जिले की बागडोर सम्भालेंगे।