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घंटाघर के स्ट्रीट वेंडर्स के लिए नया जोन चिह्नित

राजस्थान हाईकोर्ट (rajasthan highcourt) ने जोधपुर के सरदार मार्केट (sardar market of jodhpur) के स्ट्रीट वेंडर्स को नए चिह्नित वेंडिंग जोन में शिफ्ट करने के संबंध में नगर निगम (jodhpur nagar nigam) को तीन सप्ताह में प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
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घंटाघर के स्ट्रीट वेंडर्स के लिए नया जोन चिह्नित

घंटाघर के स्ट्रीट वेंडर्स के लिए नया जोन चिह्नित

जोधपुर.

राजस्थान हाईकोर्ट (rajasthan highcourt) ने जोधपुर के सरदार मार्केट (sardar market of jodhpur) के स्ट्रीट वेंडर्स को नए चिह्नित वेंडिंग जोन में शिफ्ट करने के संबंध में नगर निगम (jodhpur nagar nigam) को तीन सप्ताह में प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढ़ा और न्यायाधीश अरुण भंसाली की खंडपीठ में सरदार मार्केट गिरदीकोट व्यापार संस्था की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान निगम की ओर से अधिवक्ता राजेश पंवार बताया कि निगम ने पुराने स्टेडियम और टाउन हॉल के बीच 332 वेंडर्स के लिए एक नया जोन चिह्नित किया है। वहां पानी सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकेंगी। सरदार मार्केट के स्ट्रीट वेंडर्स की यूनियन के साथ निगम अधिकारियों ने वार्ता की है और उन्हें शिफ्ट होने को कहा है। उन्होंने बताया कि निगम इस संबंध में नियमानुसार कार्यवाही करेगा।

गौरतलब है कि राजस्थान हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका में 5 अक्टूबर, 2015 को जोधपुर नगर निगम को छोटे एवं स्ट्रीट वेंडर्स के लिए अलग से वेंडिंग जोन बनाने और वहां पानी, बिजली तथा अस्थायी शेड्स का निर्माण करने को कहा गया था। कोर्ट ने ओल्ड स्टेडियम के पास, जेडीए चौराहे के सामने, रातानाडा सब्जी मंडी के पास या किसी भी उपयुक्त स्थान पर वेडिंग जोन बनाने के विकल्प खुले रखे थे और निर्देश दिए थे कि एक बार वेंडिंग जोन घोषित करने के बाद सरदार मार्केट को अतिक्रमण मुक्त किया जाए। सरदार मार्केट में अनाधिकृत रूप से कब्जा करके बैठे वेंडर्स की शिफ्टिंग के लिए कहा गया था। इसके बाद 4 अक्टूबर, 2016 को सुनवाई के दौरान नगर निगम ने बताया कि एक कंसल्टेंट के माध्यम से शहर के 65 वार्डों में वेंडर्स का सर्वे किया गया है, जिसके अनुसार इनकी संख्या करीब 6000 है। कोर्ट ने इस सर्वे के आधार पर निगम को वेंडिंग जोन की योजना बनाते हुए उस पर 31 दिसंबर, 2016 तक अमल करने के निर्देश दिए थे। वर्ष 2016 से लेकर अब तक निगम ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। नतीजतन, सरदार मार्केट में अतिक्रमणकारियों को नहीं हटाया जा रहा। इसके चलते न केवल सरदार मार्केट का हेरिटेज लुक प्रभावित हो रहा है, बल्कि पर्यटकों व ग्राहकों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।