
Nirankari Mission members showed awareness
जोधपुर . धन निरंकार जी, धन निरंकार जी। रोज जब वे एक दूसरे से अभिवादन करते हैं तो उनके चेहरे पर और लहजे में खुशी होती है, लेकिन रविवार को जब उन्होंने एक दूसरे से यह शब्द कहा तो उनके चेहरे पर गम मायूसी और लहजे में दुख झलक रहा था। पिछले दो साल से उनकी खुशी काफूर है। उन सबके प्रिय निरंकारी मिशन के प्रमुख संत बाबा हरदेव सिंह की रविवार को पुण्य तिथि जो थी। यह वही दुख भरा १३ मई का दिन था, जब वे हमसे बिछड़ गए थे। यानी १३ मई २०१६ को भारतीय समयानुसार कनाडा के मौन्ट्रियाल में कार दुर्घटना में निधन होने से सभी निरंकारी अनुयाइयों में शोक की लहर छा गई थी। बाबा जी उस साल एक महीने पहले ही जोधपुर आए थे।
जोधपुर में हुआ था मेगा संत निरंकारी समागम
निरंकारी संत हरदेव सिंह ने निधन से एक महीने पहले ही 14 अप्रेल 2016 मंडोर क्षेत्र के को चैनपुरा स्थित अमृतलाल गहलोत स्टेडियम परिसर में आयोजित सत्संग समारोह के दौरान सदुपदेशों के माध्यम से मानवता की सुगंध बिखेरी थी । तब मारवाड़ की धरा पर मानव कल्याण यात्रा के लिए आए संत हरदेव सिंह ने जोधपुर के बाद बाड़मेर, जैसलमेर में भी इंसान से इंसान को जोडऩे वाला मानवता और प्रेम का संदेश दिया था। तब जोधपुर जोन के जोनल इंचार्ज हरिमोहन गहलोत ने कहा था कि कल्याण यात्रा से मानवता, भाईचारे, आपसी प्रेम, सद्भाव व विश्व बंधुत्व का संदेश देने वाले मिशन के मार्गदर्शक संत का परमात्मा में विलीन होना निरंकारी अनुयायियों के लिए दुखद घटना है। उल्लेखनीय है दुनिया के २७ देशों में निरंकारी समाज के लोग हंै।
उस दिन सुबह ही आ गए थे ३००० सेवादार
जोधपुर शहर के मंडोर स्थित लालसागर चैनपुरा स्थित अमृतलाल स्टेडियम में निरंकारी मिशनरियों का रेला लगा था। उस दिन सुबह तक तीन हजार सेवादार जोधपुर पहुंच गए थे। वहां विशाल पाण्डाल सजा था। निरंकारी संत बाबा हरदेवसिंह के सान्निध्य में १४ अप्रेल गुरुवार शाम ६ बजे से रात ९ बजे तक लालसागर चैनपुरा स्थित अमृतलाल स्टेडियम में मेगा निरंकारी समागम लगा था। इसके लिए कई शहरों के निरंकारी अनुयायी यहां जुटे थे। भक्तों में गजब का उत्साह था।
यकीन ही नहीं होता
उस संत समागम के संयोजक व जोनल इंचार्ज रहे हरिमोहन गहलोत ने तब कहा था कि समागम में बाबा हरदेवसिंह के प्रवचन सुनने के लिए लोग दूर-दूर से जोधपुर आए थे। यकीन ही नहीं होता कि बाबा जी के साथ एेसा हादसा हुआ और एेसी दुखद खबर मिली। उस दिन बाबा जी कार से आए थे और सीधे कार्यक्रम स्थल पहुंचे थे। वहां निरंकारी अनुयाइयों ने भजन व गीत पेश किए थे। सभी इस बात से खुश थे कि बाबा जी आ रहे हैं और सभी साक्षात न केवल उन्हें देख सकेंगे, बल्कि प्रवचन भी सुन सकेंगे। सबने तल्लीनता से उनके भजन सुने थे। अब यह सब हमारी यादों का हिस्सा है।
बाबा जी ने की थी पत्रिका की तारीफ
संत समागम के संयोजक व जोनल इंचार्ज रहे हरिमोहन गहलोत ने बताया कि उन दिनों राजस्थान पत्रिका की ओर से अशोक उद्यान स्थित ओपन एयर थिएटर के लिए थिएटर मांगे जिंदगी अभियान चल रहा था, इसी दौरान थिएटर की सफाई होने वाली थी, मैंंने और दूसरे सेवादारों ने बाबा जी को बताया कि पत्रिका इस तरह का काम कर रहा है, इस पर बाबा जी ने कहा था, यह बहुत अच्छा है, जाओ और जरूर जाओ, जाना चाहिए। तब बडग़ूजर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में सेवादार बहन भाइयों ने श्रमदान किया था। यह सब बाबा जी की प्रेरणा से ही हुआ था।
-संस्मरण: एम आई जाहिर
Published on:
13 May 2018 11:11 pm
