
चन्द्रग्रहण आज, असर नहीं होने के बावजूद मंदिर के पट इसलिए रहेंगे बंद
जोधपुर. चन्द्रमा का उपछाया ग्रहण शुक्रवार को होगा लेकिन इसका धार्मिक दृष्टि से कोई महत्व नहीं होने के कारण सभी तरह के धार्मिक आयोजन निर्बाध रूप में किए जा सकेंगे। शुक्रवार को चन्द्रग्रहण नहीं बल्कि लॉकडाउन-5 की गाइडलाइन पालना के कारण मंदिर के कपाट बंद रहेंगे। ग्रहण के दौरान चन्द्रमा के आकार पर भी कोई असर नहीं होगा। चन्द्र ग्रहण का स्पर्श रात्रि 11.16 से मध्य रात्रि में 12.55 के मध्य व मोक्ष रात्रि 2.34 पर होगा। शुक्रवार से आगामी 30 दिन के अंतराल में कुल तीन ग्रहण होंगे।
इन तीनों ग्रहण में 21 जून को पडऩे वाला कंकणाकृति सूर्य ग्रहण भारत में नजर आएगा। पंडित ओम दत्त शंकर के अनुसार 5 जून व 5 जुलाई को दोनों चंद्रग्रहण मांद्य होने से कोई विशेष असर नहीं होगा। मिथुन राशि मृगशिरा आद्र्रा नक्षत्र में 21 जून को होने वाले खग्रास सूर्यग्रहण ग्रहण का सूतक 12 घंटे पूर्व याने 20 जून को रात्रि में ही शुरू हो जाएगा। गुरु पूर्णिमा 5 जुलाई को मांद्य चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देने से मंदिर के पट खुले रहेंगे।
लॉकडाउन में पक्षियों की सेवा, घर-घर बांट रहे दाना-पानी रखने के पात्र
लॉकडाउन में काम-काज बंद होने से अधिकतर लोग घर पर हैं। इनमें से कई जने ऐसे हैं भी है जो अपना समय व्यतीत करने के लिए कुछ अनूठे प्रयास कर रहे हैं। ऐसे ही एक शख्त है नवदुर्गा नगर निवासी भंवरसिंह देवड़ा। जिन्हें इस भीषण गर्मी में पक्षियों के दाना-पानी की चिंता सताने लगी तो घर पर ही पुराने टीन के डिब्बे को पक्षियों के दाना-पानी रखने का पात्र बना दिया। देवड़ा ने बताया कि अभी तक उन्होंने चालीस से अधिक पात्र बनाकर मोहल्ले में वितरित किए है। तथा लोगों से अपील करते है कि इसे अपने घर के बाहर पेड़ पर लगाए तथा इसमें पक्षियों के लिए पानी व दाना रखे। जिससे इस भीषण गर्मी में बेजुबान पक्षियों की दाना-पानी के अभाव में मौत न हो।
Published on:
05 Jun 2020 09:34 am
