10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मनमर्जी से बने डम्पिंग स्टेशन पर्यावरण के लिए घातक

स्टोन कटिंग के वेस्ट के लिए नहीं 'चिन्हित क्षेत्रÓ हाईकोर्ट व एनजीटी के आदेश की उड़ रही धज्जियां  
2 min read
Google source verification

जोधपुर

image

Amit Dave

Aug 06, 2018

no identified area for stone cutting waste

मनमर्जी से बने डम्पिंग स्टेशन पर्यावरण के लिए घातक

जोधपुर.

पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाकर चल रही स्टोन कटिंग युनिटों (पत्थर काटने की इकाइयां) से निकलने वाला गंदे पानी व स्लरी के निस्तारण के लिए शहर में एक भी चिन्हित स्थान नहीं है। परिणामस्वरूप, स्टोन कटिंग संचालकों द्वारा लंबे समय से खुले में व खनन क्षेत्रों से निकलने वाले वेस्ट पर गंदा पानी डाला जा रहा है। नियमानुसार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राजस्व विभाग और खान विभाग के संयुक्त रूप से निरीक्षण कर निर्धारित किए चिन्हित स्थान या क्षेत्र में गंदा पानी व स्लरी डाली जाती है। पर्यावरण विभाग की ओर से जारी सम्मतियों में दी गई शर्तों की पालना कराने के लिए राजस्थान उच्च न्यायालय ने राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल को भी पाबंद किया है।

---

सिवांची गेट गौशाला के पीछे बन गए पहाड़

चिन्हित क्षेत्र नहीं होने की वजह से युनिट संचालकों ने अपनी मनमर्जी से डम्पिंग स्टेशन बना दिए है, जो पर्यावरण के लिए घातक सिद्ध हो रहे है। सिवांची गेट गौशाला के पीछे एेसा ही डम्पिंग स्टेशन बनाया हुआ है, जहां करीब 30-40 गंदे पानी व स्लरी के टेंकर प्रतिदिन डाले जा रहे है। यहां स्लरी के कारण भूभाग का बड़ा क्षेत्र नदी व पहाड़ में बदल गया है। इससे पर्यावरण को नुकसान तो हो ही रहा है। स्लरी खुले में डालने से हवा में मिश्रित होकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही है। साथ ही, जीव-जंतुओं व मनुष्यों के जीवन पर भी असर पड़ रहा है। इसके अलावा, सूरसागर, चौपड़, केरु, पाबूमगरा, बालसमंद रोड सहित अन्य क्षेत्रों में स्टोन कटिंग युनिटों का गंदा पानी व स्लरी खुले में डाली जा रही है।

---

चिन्हित क्षेत्र ही नहीं

पर्यावरण प्रेमी महेन्द्र बोहरा ने राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल से जनवरी 2010 से 14 नवम्बर 2017 तक जोधपुर जिले में स्टोन कटिंग इकाइयों से निकलने वाले गंदे पानी व स्लरी के चिन्हित क्षेत्रों की जानकारी मांगी थी। इस पर विभाग ने चिन्हित क्षेत्र नहीं होने की जानकार दी।

-------

यह हमारे विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। स्टोन कटिंग के वेस्ट के लिए चिन्हित क्षेत्र राजस्व या माइनिंग डिपार्टमेंट ही तय करते है।

विजय शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी

राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल जोधपुर

--

माइनिंग क्षेत्र के वेस्ट पर अगर स्टोन कटिंग युनिट का वेस्ट डाला जा रहा है तो यह गलत है। मैं पता करवाकर कार्यवाही करता हूं।

श्रीकृष्ण शर्मा खनिज अभियंता जोधपुर

------------