
FARMER---किसी ने नहीं सुनी पुकार, अन्नदाता आज से सडक़ों पर
जोधपुर।
प्रदेश में गत कई माह से किसान विद्युत अनुदान पुन: शुरू करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आन्दोलनरत है। ऐसे में किसानों ने प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर 21 जुलाई को सांकेतिक प्रदर्शन के बाद जिला कलक्टरों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजे थे। उसके बाद सभी विधायकों व सांसदों के आवास पर सांकेतिक प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपे। इसके बावजूद मांगों पर किसी प्रकार का कोई समाधान नहीं निकलने पर किसान बुधवार से प्रदेश के सभी तहसील मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे।
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जिला टोली बैठक में आंदोलन की अंतिम रणनीति तय
विद्युत बिलों में सुधार की मांग को लेकर तहसील मुख्यालयों पर धरनों की रणनीति पर चर्चा के लिए मंगलवार को जिले की टोली बैठक आयोजित हुई। प्रदेश प्रतिनिधि मानकराम परिहार, प्रांत प्रचार प्रमुख तुलछाराम सिंवर, जिलाध्यक्ष नरेश व्यास आदि ने चर्चा के दौरान तहसील प्रतिनिधियों को धरना स्थलों पर मास्क लगाने व हाथों को सेनेटाइज करने के साथ दो गज की सोशल डिस्टेंसिंग की पालना सुनिश्चित करने की सलाह दी। सिंवर ने बताया कि लॉकडाउन से पहले व लॉकडाउन के दौरान भी किसानों ने सभी प्रकार से मर्यादित तरीके से अपनी समस्या को जिम्मेदारों को अवगत करवाने के लिए हर दरवाजा खटखटाया। सभी जगह किसानों को निराशा हाथ लगी। सरकार व प्रशासन के उदासीन रवैये के चलते अब किसान आर-पार की लड़ाई के लिए सडक़ पर उतरने को मजबूर हुए है।
Updated on:
04 Aug 2020 11:11 pm
Published on:
04 Aug 2020 11:11 pm
