
अधीनस्थ अदालतों में 28 जून तक फिजिकल हियरिंग नहीं
जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने कोविड-19 के मामलों में कमी के बावजूद अधीनस्थ तथा विशेष अदालतों सहित न्यायाधिकरणों में सभी हितधारकों के सेहत की सुरक्षा को देखते 28 जून तक सीमित संख्या में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ही सुनवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
रजिस्ट्रार जनरल के अनुसार प्रत्येक न्यायिक क्षेत्राधिकार में अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई के लिए एक विशेष अदालत और न्यायाधिकरण रोटेशनल आधार पर कार्यरत रहेगा, जिसका प्रबंधन प्रिंसिपल जिला जज के हाथों में होगा। जिला जजों को प्रत्येक न्यायिक क्षेत्राधिकार में रोटेशनल आधार पर न्यायिक अधिकारियों को अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई के लिए प्रतिनियुक्त करने के लिए अधिकृत किया गया है। जिन न्यायिक अधिकारियों को प्रतिनियुक्त नहीं किया गया होगा, वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
जिन मामलों को अत्यावश्यक प्रकृति का माना गया है, उनमें रिमांड या जमानत प्रार्थना पत्र, विशेष अधिनियमों के तहत जमानत के लिए अपील, सजा निलंबन का प्रार्थना पत्र, निषेधाज्ञा व स्थगन, सुपुर्दगी आवेदन पत्र, धारा 164 सीआरपीसी के तहत बयान तथा मृत्यु उद्घोषणा शामिल हैं। परिपत्र के अनुसार न्यायिक अभिरक्षा जहां तक संभव हो, वीसी के माध्यम से दी जाए। जिन मामलों में अंतरिम राहत की अवधि 9 से 28 जून के बीच समाप्त हो रही है, वह अग्रिम आदेश तक विस्तारित मानी जाएगी। याचिका, अपील, दावा या प्रार्थना पत्र पेश करने के लिए निर्धारित परिसीमा अवधि में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार अग्रिम आदेश तक छूट रहेगी। वर्चुअल हियरिंग के दौरान अधिवक्ताओं को कोट पहनने से छूट रहेगी।
Published on:
08 Jun 2021 10:29 am
