10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पंचायतों तक रोडवेज बस नहीं

निजी बसों की छत पर सफर की मजबूरी, आवागमन के लिए घंटों इंतजार
less than 1 minute read
Google source verification
पंचायतों तक रोडवेज बस नहीं

पंचायतों तक रोडवेज बस नहीं

तिंवरी (जोधपुर). अभी कोरोना महामारी के चलते क्षेत्र में सरकारी और निजी बसों का संचालन कम होता है। लेकिन साधारण हालात में भी तहसील एवं पंचायत समिति क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायत मुख्यालयों तक रोडवेज बसों की सुविधा मुहैया नहीं होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में बस नहीं होने से लोगों को एक से दूसरी जगह जाने के लिए बस स्टैंडों पर कई घंटों इंतजार करना पड़ता है। रोडवेज बसों के अभाव में लोगों को मजबूरन निजी बसों की छतों पर बैठकर सफर तय करना पड़ता है। इससे हर समय हादसा होने का अंदेशा बना रहता है। राज्य सरकार प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय को रोडवेज सेवा से जोडऩे के लिए योजनाएं बना रही है। वहीं दूसरी ओर तिंवरी तहसील एवं पंचायत समिति मुख्यालय क्षेत्र में 7-8 ग्राम पंचायत मुख्यालयों को छोडकऱ अन्य ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर रोडवेज बस सेवा का अभाव है। (निसं)
समस्या यह भी
क्षेत्र में रोडवेज बस सेवा नहीं होने से शादी-विवाह के सीजन में निजी बसें बारातों में जाने के कारण तीन-चार दिनों तक परिवहन की सुविधा नहीं मिलती। ऐसे में ग्रामीणों को महंगे दामों में मजबूरन निजी टैक्सियों में सफर करना पड़ता है। ऐसे में उन्हें आर्थिक रूप से परेशान होना पड़ता है।

ये ग्राम पंचायतें हैं वंचित
क्षेत्र में बींजवाडिय़ा, संतोड़ाखुर्द, मालंूगा, बड़ाकोटेचा, जेलू, गगाड़ी, पांचला, जसनाथ की बाड़ी, चेराई, घेवड़ा, चंडालिया, बड़लाबासनी, बानों का बास, महादेव नगर, मीनों की ढाणी आदि ग्राम पंचायत मुख्यालय एवं दर्जनों राजस्व गांव रोडवेज बस सुविधा से वंचित है।