बिजली सप्लाई कर रहे कर्मचारी खुद मुश्किलों में रह कर रहे नौकरी, हाल जानकर भी अंजान है डिस्कॉम

बिजली सप्लाई कर रहे कर्मचारी खुद मुश्किलों में रह कर रहे नौकरी, हाल जानकर भी अंजान है डिस्कॉम
gss, jodhpur discom news, salary of Jodhpur Discom employee, mismanagement in Jodhpur DISCOM, jodhpur discom worker, jodhpur news, jodhpur news in hindi

Harshwardhan Singh Bhati | Publish: Aug, 10 2018 10:42:43 AM (IST) Jodhpur, Rajasthan, India

100 से ज्यादा ऐसे जीएसएस जहां बनाने के बाद से ही डिस्कॉम ने छोड़ दी कमी

 

अविनाश केवलिया/जोधपुर. कड़ी धूप में कहीं सिर छुपाने के लिए छत नहीं है तो कहीं बारिश के दिनों में घुटनों तक पानी भर जाता है। कई जगह तो हालात ऐसे भी है कि निर्माण सामग्री व कचरा डालकर कब्जा करने से भी लोग नहीं चूक रहे। यह हालात जोधपुर डिस्कॉम के कई वितरण जीएसएस के हैं, जिनमें सुविधाएं बढ़ाने के लिए सालों से प्रस्ताव चल रहे है। अभी डिस्कॉम क्षेत्र के ऐसे 100 से ज्यादा जीएसएस हैं, जहां कोई न कोई कमी है।

केस 1 - सिर छुपाने के लिए जगह नहीं


फलोदी क्षेत्र में कई जीएसएस ऐसे हैं, जहां सिर छुपाने के लिए भी जगह नहीं है। यहां ग्रामीण क्षेत्र में एक कर्मचारी जो यहां कार्यरत रहता है, वह या तो धूप के साथ मशीनों का सहारा लेकर छांव ढूंढता है या फिर एक कच्ची झोपड़ी बनाकर आसरा खुद ने ही तैयार किया है।

 

केस-2 घुटनों तक पानी


शहर के लालसागर क्षेत्र में वितरण जीएसएस में बारिश के दिनों में घुटनों तक पानी भर जाता है। कर्मचारी यदि बिजली सप्लाई शुरू या बंद करने जाता है तो भी हर समय खतरे में रहता है। करंट लगने से कई हादसे भी हो जाते हैं। पानी निकासी की व्यवस्था सालों से नहीं हुई।

 

केस-3 झाडिय़ों से होती परेशानी


शहर के बीचोंबीच कचहरी परिसर में जीएसएस में झाडिय़ां उगी हुई हैं। कई बार तो यह बिजली ट्रिपिंग और हादसे का कारण बनती है। लेकिन डिस्कॉम की ओर से झााडिय़ां हटाने की कोई व्यवस्था नहीं है।

 

केस-4 यहां हो रहा अतिक्रमण

शहर के परिहार नगर जीएसएस में तो निर्माण सामग्री और कचरा डाल कर अव्यवस्थाएं बढ़ाई जा रही है। यहां लोग कब्जा करने का भी प्रयास कर रहे हैं। इसकी जानकारी भी प्रबंधन को दी गई। यहां जमीन के बदले जेडीए को राशि भी चुकाई गई, लेकिन फिर भी कचरा स्थल नहीं हटा।

अब स्वीकृत हुए तीन करोड़

जोधपुर डिस्कॉम प्रबंधन का दावा है कि पिछले लम्बे समय से अटके सिविल विंग के कार्य अब स्वीकृत हुए हैं। डिस्कॉम क्षेत्र में 70 एनआईटी लगाई गई है, जो कि इसी माह खुलेगी। इसके बाद संभवत: अगले माह से काम शुरू होने की उम्मीद है। करीब 3 करोड़ का बजट जीएसएस की कमियों को दूर करने के लिए दिया गया है।

इनका कहना है


हमने कई बार जीएसएस पर असुविधाओं को दूर करने के लिए मांग की है। कई बार तकनीकी कर्मचारी इन अव्यवस्थाओं से हादसे का शिकार भी होते हैं।

- लवजीत पंवार, महामंत्री, जोधपुर विद्युत वितरण निगम श्रमिक संघ (बीएमएस), जोधपुर

 

सिविल विंग को स्वीकृति मिली है और हमले एनआईटी लगाई है। 71 एनआईटी इस माह 21 तारीख को खुलेगी। यदि सभी सफल रहती है तो हम सभी जीएसएस की कमियां दूर कर देंगे।

-हरपालसिंह, अधिशासी अभियंता, जोधपुर डिस्कॉम, सिविल विंग

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned