1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan News: राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, नया राजस्व गांव रद्द, भजनलाल सरकार को दिया निर्देश

हाईकोर्ट के आदेश के बाद परिसीमन का नक्शा और ड्राफ्ट दोनों को तीसरी बार नए सिरे से तैयार किया जाएगा। इससे पहले दो बार परिसीमन ड्राफ्ट तैयार कर जयपुर भेजा जा चुका है

2 min read
Google source verification
rajasthan high court

राजस्थान हाईकोर्ट (फाइल फोटो )

राजस्थान हाईकोर्ट ने वीर तेजाजी नगर को नया राजस्व गांव घोषित करने की राज्य सरकार की अधिसूचना को रद्द कर दिया है। न्यायाधीश दिनेश मेहता की एकल पीठ ने यह आदेश ग्राम सभा की बैठक में गंभीर प्रक्रियात्मक खामियों को देखते हुए दिया।

याचिकाकर्ता विष्णुदेव चौधरी की ओर से अधिवक्ता मोती सिंह राजपुरोहित ने दलील दी कि जिस ग्राम पंचायत सांगरिया के तहत यह नया गांव बनाया जा रहा था, उसी ग्राम पंचायत से जुड़ी एक अन्य याचिका पहले ही स्वीकार की जा चुकी है। उस मामले में भी ग्राम सभा की बैठक में बैठक का एजेंडा नहीं होना, पर्याप्त कोरम न होना, और बिना सार्वजनिक सूचना के प्रस्ताव पारित किया जाना जैसी कई खामियां पाई गई थी।

कोर्ट ने दिया निर्देश

कोर्ट ने पूर्व याचिका में दिए गए आदेश को वर्तमान मामले पर भी लागू करते हुए 26 जनवरी 2025 को हुई ग्राम सभा की बैठक में पारित प्रस्ताव संख्या 1 को रद्द कर दिया। साथ ही 6 अप्रेल 2025 को जारी अधिसूचना को भी रद्द कर दिया गया।

पीठ ने स्पष्ट किया कि ग्राम सभा की बैठक में जरूरी कोरम नहीं था और न ही प्रस्ताव के लिए कोई पूर्व सूचना जारी की गई थी। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि यदि राज्य सरकार भविष्य में नया गांव घोषित करना चाहती है, तो वह कानून सम्मत प्रक्रिया का पालन करते हुए ग्राम सभा की वैध बैठक बुला सकती है।

यह वीडियो भी देखें

तीसरी बार तैयार हो सकता है निगम का परिसीमन

हाईकोर्ट के आदेश के बाद परिसीमन का नक्शा और ड्राफ्ट दोनों को तीसरी बार नए सिरे से तैयार किया जाएगा। इससे पहले दो बार परिसीमन ड्राफ्ट तैयार कर जयपुर भेजा जा चुका है, लेकिन अब वीर तेजाजी नगर को हटाकर परिसीमन की प्रक्रिया फिर से शुरू करनी पड़ सकती है। पिछले ड्राफ्ट में पाल गांव (पूर्व) और वीर तेजाजी नगर को मिलाकर वार्ड संख्या 10 बनाया गया था। अब कोर्ट के निर्देश के अनुसार इस वार्ड की संरचना भी बदलनी होगी। निगम को अब परिसीमन की पूरी कवायद दोबारा करनी पड़ेगी।

नहीं पड़ेगा खास असर

इससे अधिकारियों की परिसीमन का ड्राफ्ट और नक्शा तैयार करने की कवायद जरूर दोबारा हो गई है, लेकिन जनसंख्या के तौर पर देखा जाए तो इसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा। पूर्व में भेजे गए नए परिसीमन में वीर तेजाजी नगर व पूर्वी पाल क्षेत्र को मिलकर बनाए गए वार्ड संख्या 10 में कुल 10749 जनसंख्या ही थी।

यह भी पढ़ें- राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, करीब साढ़े चार हजार विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ

Story Loader