SPORTS---अब स्कूलों से तैयार होकर निकलेगी मैरीकॉम व बबीता फोगाट जैसी प्रतिभाएं

- स्कूली खेलों में जुड़े 23 नए खेल

-अब तक 18 खेलो की हो रही थी प्रतियोगिताएं

By: Amit Dave

Published: 11 Sep 2021, 07:24 PM IST

जोधपुर।

राज्य सरकार ने प्रदेश के स्कूली खेलों के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 23 नए खेल जोड़े है। इन नए खेलों के शिक्षा विभाग में जुडऩे (विशेष रूप से छात्राओं के खेल) से अब प्रदेश की स्कूलों से मैरीकॉम, बबीता फोगाट जैसी प्रतिभाएं तैयार होकर अन्तरराष्ट्रीय स्तर तक राजस्थान का परचम लहराएगी। साथ ही, राज्य में खेलों का विकास होगा व राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राजस्थान की भागीदारी बढ़ेगी। राजस्थान शारीरिक शिक्षक संघ की ओर से लगातार प्रदेश में स्कूल गेम्स फैडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) की तर्ज पर प्रदेश में प्रचलित सभी खेलों को स्कूली खेल कैलेण्डर में जोड़े जाने की मांग की जाती रही है। देश की आजादी के बाद से आज तक प्रदेश के स्कूली शिक्षा विभाग में केवल 18 खेलों का ही आयोजन हो रहा था। जिसके कारण राज्य से अधिकाधिक खेलों के लिए खिलाड़ी तैयार नहीं हो पा रहे थे और सरकारी नौकरियों में भी खिलाडिय़ों की संख्या ऊंट के मुंह में जीरे के समान ही होती थी।

---

कम खेलों वाला देश का एकमात्र राज्य

राजस्थान देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां स्कूलों में मात्र 18 खेलों के ही आयोजन हो रहे थे। जिसके कारण राजस्थान खेलों के क्षेत्र में हमेशा पिछड़ा राज्य रहा है। कम खेलों की प्रतियोगिताओं के कारण, जिसमें भी छात्रा वर्ग जहां छात्राएं ओलंपिक में मेडल ला रही है, वो खेल स्कूली खेलों में नहीं थे।

---

ये 23 नए खेल जोड़े गए

फुटबॉल छात्रा, क्रिकेट छात्रा, कुश्ती छात्रा, टेनिट क्रिकेट, साइक्लिंग, ताइक्वांडो, बाल बैडमिंटन, बॉक्सिंग, स्पीड बॉल, शतरंज, नेटबॉल, थ्रो बॉल, रोल बॉल, कूडो, टेनिस वॉलीबाल, कराटे, आस्थे-दा-अखाड़ा वूशू, मलखम्भ, सेपक टकरा, टग ऑफ वार, लगोरी (संतोलिया), सुपर सेवन क्रिकेट।

----

वर्तमान में प्रचलित 18 खेल

वालीबॉल, फुटबॉल, कुश्ती छात्र, क्रिकेट छात्र, खो-खो, जुडो, जिम्नास्टिक्स, बास्केटबॉल, टेनिस, बैडमिंटन तीरंदाजी, हैण्डबॉल, कबड्डी, टेबल टेनिस, तैराकी सॉफ्टबॉल, हॉकी व एथलेटिक्स।

---

पत्रिका लगातार उठाता रहा मुद्दा

राजस्थान पत्रिका में प्रदेश के स्कूली खेलों में केवल 18 खेल होने व नए खेलों को जोडऩे के मुद्दे को बार-बार उठाता रहा है।

---

स्कूली खेलों में नए खेलों, विशेष तौर से छात्राओं के खेल और पारंपरिक खेल जोडऩे से खेल जगत में खुशी की लहर है। छात्राओं को आगे बढऩे का मौका मिलेगा । हापूराम चौधरी, प्रदेशाध्यक्ष

राजस्थान शारीरिक शिक्षक संघ

-

Amit Dave Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned