
nursing Council
न्यायाधीश दिनेश मेहता की एकल पीठ में याचिकाकर्ता लालाराम एवं अन्य ने अनुभव प्रमाण पत्र जारी नहीं करने को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि वे अनुबंध या प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से राजकीय योजनाओं में कार्यरत रहे हैं और नर्सिंग अधिकारी के पद पर भर्ती अधिसूचना के अनुसरण में आवेदन करना चाहते हैं। भर्ती विज्ञापन के अनुसार प्राप्त अनुभव के आधार पर पात्र उम्मीदवारों को बोनस अंक प्रदान करने का प्रावधान है, जिसके लिए उन्हें मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा निर्धारित प्रोफार्मा में जारी अनुभव प्रमाण पत्र अपलोड करना आवश्यक है, लेकिन आवेदन के बावजूद उन्हें प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जा रहे। कोर्ट ने संयुक्त निदेशक को तलब करते हुए प्रमाण पत्र जारी करने में आ रहे अवरोधों की जानकारी ली और दिशा-निर्देश दिए हैं कि उम्मीदवारों को अपने आवेदन पत्र दो प्रतियों में जमा करने होंगे, जिनमें से एक प्रति संबंधित सीएमएचओ तारीख और मोहर लगाते हुए रसीद के साथ उम्मीदवार को वापस देगा। सभी उम्मीदवारों को अनुभव प्रमाण पत्र के लिए आवेदन जमा करते समय संबंधित एजेंसी, एनजीओ या संबंधित अधिकारियों द्वारा जारी अनुभव प्रमाण पत्र की एक प्रति जमा करना आवश्यक है। जो अभ्यर्थी 12 जनवरी तक आवेदन करेंगे, उन्हें निर्धारित प्रोफार्मा में प्रमाण पत्र यथाशीघ्र 16 जनवरी तक जारी किया जाए। उम्मीदवारों को अनुभव प्रमाण पत्र अपलोड किए बिना भी बोनस अंकों के दावे के साथ अपना ऑनलाइन आवेदन पत्र (अंतिम तिथि तक) जमा करने की अनुमति देने के निर्देश दिए गए हैं। ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा करने की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद भर्ती प्राधिकरण को कम से कम सात दिनों की अवधि के लिए विंडो या वेबसाइट खोलनी होगी, ताकि उम्मीदवार अपने आवेदन पत्र (यदि आवश्यक हो) में संशोधन सकें। एकल पीठ ने स्पष्ट किया कि ये निर्देश केवल प्रमाण पत्र जारी करने के उद्देश्य से जारी किए गए हैं। ऐसे प्रमाण पत्र प्रदान करने से उम्मीदवारों को बोनस अंकों का दावा करने का कोई अधिकार नहीं होगा।
Updated on:
07 Jan 2023 08:56 pm
Published on:
07 Jan 2023 08:56 pm
