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नहीं थम रही डोडा-पोस्त की बिक्री, पुलिस के लिए सिरदर्द बन रहा तस्करों का अभेद नेटवर्क

डोडा पोस्त के ट्रक के बारे में पुलिस व नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो को सूचना भी मिल रही है, फिर भी इनके वाहन पकड़ में नहीं आ रहे।
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विकास चौधरी/जोधपुर. राज्य सरकार ने डोडा पोस्त बिक्री पर रोक क्या लगाई, तस्करों की चांदी हो गई। जिले में सक्रिय तस्करों की कई गैंग खुलेआम डोडा पोस्त से भरे ट्रक व ट्रेलर की सप्लाई कर रहे हैं। इनके बीच वाट्सएप कॉल के जरिये बातचीत होती है जिसे ट्रेस कर पाना पुलिस के लिए मुश्किल हो रहा है। कुछ तस्करों के बीच पारिवारिक विवाद के चलते ठनी हुई है और वे एक-दूसरे को नीचा दिखाने पर तुले हैं। इस कारण इनके जरिये हर चौथे-पांचवें दिन आने वाले डोडा पोस्त के ट्रक के बारे में पुलिस व नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो को सूचना भी मिल रही है, फिर भी इनके वाहन पकड़ में नहीं आ रहे।

जोधपुर जिले के भोजाकोर व जैसलमेर में धौलिया गांव के दो तस्कर रिश्ते में भाई लगते हैं, लेकिन पारिवारिक विवाद के चलते एक-दूसरे से रंजिश पाले हुए हैं। इनके बीच रुपयों के लेन-देन का भी है। बालेसर थाने में जुलाई में डोडा पोस्त से भरा ट्रक पकड़े जाने के मामले में धौलिया गांव का व्यक्ति संदिग्ध हैं। उसकी तलाश में भोजासर पुलिस ने गुरुवार को धौलिया गांव में दबिश दी लेकिन वो पकड़ में नहीं आया। अब वह विरोधी तस्कर को सबक सिखाने पर तुला हुआ है।

सूत्रों की मानें जिले में चित्तौडगढ़़ से न सिर्फ छोटे वाहनों, बल्कि ट्रकों में भरकर डोडा पोस्त की खेप जोधपुर पहुंच रही है। दो-तीन दिन पहले भी डोडा पोस्त से भरा एक ट्रक जोधपुर आने की जानकारी है। पुलिस ने इसे पकडऩे की योजना बनाई, लेकिन तस्कर दूसरे मार्ग से निकल गए। मादक पदार्थों से भरे ट्रक आधी रात को ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचते हैं और वहां से छोटे वाहनों में सप्लाई कर दिया जाता है। हर चौथे-पांचवें दिन डोडा पोस्त से भरे ट्रक जोधपुर पहुंच रहे हैं।

लूट की आशंका के चलते हथियारों से लैस

डोडा पोस्त की तस्करी के लिए तस्कर आपस में सामान्य मोबाइल की बजाय वाट्सएप कॉल का उपयोग कर रहे हैं। इन्हें ट्रेस कर पाना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। यही वजह है कि पुलिस सूचना मिलने के बाद भी वाहन पकड़ में नहीं आ रहे। तस्कर गिरोह के सदस्य हथियारों से लैस रहकर मादक पदार्थ की खेप लाने वाले वाहनों की एस्कॉर्ट तक करते हैं।