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टिड्डियों को पनाह देने के बाद पाकिस्तान में हालात हुए बेकाबू, हमले को देख यूएन ने भी जताई चिंता

पाकिस्तान द्वारा बॉर्डर पर टिड्डियों को पनाह देने से हालात बेकाबू हो गए हैं। भारत व पाकिस्तान बॉर्डर के ५० किलोमीटर के दायरे में अरबों टिड्डी भारत की तरफ आने के साथ पाकिस्तान के अंदरुनी हिस्सों में पहुंच रही है। संयुक्त राष्ट्र संघ के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) को हालात की नजाकत देख एक महीने में ही दूसरा बुलेटिन जारी करना पड़ा।
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pakistan panic after locust attack, united nations too raised concern

टिड्डियों को पनाह देने के बाद पाकिस्तान में हालात हुए बेकाबू, हमले को देख यूएन ने भी जताई चिंता

गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. पाकिस्तान द्वारा बॉर्डर पर टिड्डियों को पनाह देने से हालात बेकाबू हो गए हैं। भारत व पाकिस्तान बॉर्डर के ५० किलोमीटर के दायरे में अरबों टिड्डी भारत की तरफ आने के साथ पाकिस्तान के अंदरुनी हिस्सों में पहुंच रही है। संयुक्त राष्ट्र संघ के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) को हालात की नजाकत देख एक महीने में ही दूसरा बुलेटिन जारी करना पड़ा। इस बीच पाकिस्तान ने भारत व पाकिस्तान के टिड्डी नियंत्रण अधिकारियों की खोखरापार में २१ नवम्बर को होने वाली बैठक से हाथ खींच लिए हैं। पाकिस्तान का कहना है कि उसकाकोई भी अधिकारी बैठक में भाग लेने के लिए उपलब्ध नहीं है।

भारत के बाड़मेर बॉर्डर पर हालात चिंताजनक है। टिड्डी राजस्थान से होते हुए अब कच्छ के रन में भी पहुंच गई है। श्रीगंगानगर से लेकर बाड़मेर बॉर्डर तक तारबंदी के नीचे से अल्पवयस्क टिड्डी (हॉपर्स) लगातार आ रहे हैं। एलडब्ल्यूओ के अधिकारी बीएसएफ से तालमेल करके लगातार हॉपर्स पर अटैक कर रहे हैं। अब तक २ लाख १३ हजार लीटर मैलाथीन पेस्टीसाइड छिडक़ा जा चुका है। भारत द्वारा २१ मई से अब तक कुल ३ लाख हेक्टेयर क्षेत्र पर टिड्डी नियंत्रण अभियान चलाया जा चुका है।

पाक ने निकाला हवाई जहाज, पेस्टीसाइड एक्सपायर
पाकिस्तान के थार, चोलिस्तान और नारा रेगिस्तान से टिड्डी कई शहरों में पहुंच रही है। सिंध के कराची और आसपास के इलाकों में टिड्डी दल लगातार देखे जा रहे हैं। पाक ने सुकुर हवाईअड्डे पर तैनात पेस्टीसाइड माउंटेड हवाई जहाज से एक सप्ताह में ४०० हेक्टेयर में स्प्रे किया गया। पाकिस्तान भी टिड्डी मारने के लिए मैलाथीन पेस्टीसाइड उपयोग कर रहा है जो चीन से मंगाया है। लेकिन कई स्थानों पर स्पे्र के बावजूद टिड्डी नहीं मर रही। पाकिस्तान के कृषि संरक्षण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कुछ पेस्टीसाइड एक्सपायर हो गया था।

इथोपिया में भी स्थिति चिंताजनक
एफएआे के अनुसार उत्तरी अफ्रीकी देश इथोपिया में भी टिड्डी के बड़े दल मौजूद है। वहां बरसात अच्छी होने के कारण अब टिड्डी वहां फसलों का चट कर रही है। यमन, ओमान, सऊदी अरब, सूड़ान, इरिट्रिया, सोमालिया, अल्जीरिया, लीबिया, नाइजर, मोरक्को, ईरान और मोरिटआना में भी टिड्डी विभिन्न स्तरों पर मौजूद है।

पाक ने बैठक रद्द की
पाकिस्तान ने २१ नवम्बर को होने वाली बैठक रद्द कर दी है। अब दिसम्बर के प्रथम सप्ताह का कहा है। बॉर्डर पर टिड्डी अधिक है। उम्मीद है हम अगले दस दिन में पूरा नियंत्रण कर लेंगे
डॉ. केएल गुर्जर, उप निदेशक, टिड्डी चेतावनी संगठन जोधपुर