
गुटखा छोडऩा है तो इनसे लें प्रेरणा, भाभी को कैंसर हुआ तो हमेशा के लिए छोड़ दी लत
जोधपुर. किसी जमाने में हर रोज 15 पाउच गुटखे के खाने वाले रामदत्त हर्ष इन दिनों रोटी-सब्जी के अलावा कुछ नहीं खाते। 32 साल तक गुटखा खाने वाले रामदत्त हर्ष (53) का कहना है कि इच्छा शक्ति मजबूत हो तो गुटखे का नशा छोडऩा सबसे आसान है। साढ़े तीन साल पहले उनकी भाभी को कैंसर हुआ था। अहमदाबाद में भाभी के इलाज के दौरान गुटखा खाने वालों की हालत देख हर्ष भयभीत हो उठे। भाभी के ऑपरेशन के दिन ही उन्होंने गुटखा छोडऩे का प्रण ले लिया।
हालांकि ऑपरेशन व सेक होने के बावजूद उनकी भाभी नहीं बच पाई। हर्ष ने कहा कि शुरुआती साढ़े तीन माह उन्हें गुटखा खाने की खूब तलब हुई और सिरदर्द हुआ, लेकिन उन्होंने परमात्मा का नाम लेते हुए अहमदाबाद में तड़पते मरीजों के दृश्य को दिमाग में रख गुटखे का एक भी दाना मुंह में नहीं लिया। आज वे पूर्ण रूप से गुटखे की लत से बाहर आ चुके है। उन्हें अब किसी प्रकार के नशे की आदत नहीं है। वे अब सभी को गुटखा नहीं खाने की नसीहत देते हैं।
Published on:
04 Oct 2019 10:58 am
