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फैट रहित दूध में वनस्पति घी मिलाकर बना रहे थे पनीर

- 232 किलो पनीर व डेढ़ सौ लीटर दूध जब्त नष्ट किया- स्वास्थ्य विभाग ने लिए पनीर, दूध व वनस्पति घी के सैम्पल
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फैट रहित दूध में वनस्पति घी मिलाकर बना रहे थे पनीर

फैट रहित दूध में वनस्पति घी मिलाकर बना रहे थे पनीर

जोधपुर.
मथानिया थाना पुलिस और डीएसटी ने शनिवार को कस्बे के पास वेयर हाउस में नकली पनीर बनाने के प्लांट का पर्दाफाश कर २३२ किलो नकली पनीर और बिना फैट का डेढ़ सौ लीटर दूध जब्त किया। यह पनीर बिना फैट के दूध और वनस्पति घी के मिश्रण से तैयार किया गया था। पुलिस उपायुक्त (पूर्व) धर्मेन्द्रसिंह के अनुसार प्लांट की जांच में घटिया पनीर और दूध जब्त किया गया। इसके बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी रजनीश शर्मा को मौके पर बुलाया और पनीर, वनस्पति घी व दूध के नमूने लेने के बाद जब्त सामग्री को नष्ट करा दिया। प्लांट से फैट रहित दूध की कई थैलियां भी बरामद की गई।

यह वेयर हाउस मूलत: सामराऊ में भीमसागर, हाल अहमदाबाद निवासी मदनगोपाल पुत्र बाबूलाल बिश्नोई का बताया जाता है। वह अहमदाबाद में डेयरी का काम करता है। प्लांट का संचालन एकलखोरी निवासी उसका ***** शैतानराम पुत्र मुल्तानराम बिश्नोई कर रहा है।

वनस्पति घी के मिश्रण से बन रहा था पनीर
सहायक पुलिस आयुक्त (मण्डोर) राजेन्द्र प्रसाद दिवाकर के अनुसार पनीर बनाने के लिए फैट रहित दूध में वनस्पति घी मिलाकर चिकनाई लाई जाती थी। स्वास्थ्य विभाग की प्रयोगशाला में नमूनों की जांच रिपोर्ट के आधार पर प्लांट संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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मावे में मिलावट की पुष्टि, निर्माता के खिलाफ दर्ज होगा केस

- गत १३ जनवरी को पकड़ा था २८ सौ किलो नकली मावा

जोधपुर. पाल रोड पर आदेश्वर नगर स्थित दो मंजिला मकान में बनने वाले मावे पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की खाद्य प्रयोगशाला ने भी मिलावट की मुहर लगा दी है। लैब के मुताबिक मावा स्वास्थ्य के लिए घातक और इंसानों के खाने योग्य नहीं नहीं था।
चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गत १३ जनवरी को आदेश्वर नगर में श्रीकृष्णा फैक्ट्री में नकली मावा बनाने का प्लांट पकड़ा था। २०१७ से चल रहे प्लांट में यहां दूध के पाउडर में कई तरह के केमिकल मिलाकर तैयार किया गया २७९८ बरामद किया गया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सैंपल लेने के बाद एफएसओ रजनीश शर्मा की देखरेख में नकली मावे को केरू स्थित डंपिंग यार्ड में नष्ट कर दिया था।

‘फैक्ट्री बरामद मावा प्रथम दृष्टया ही नकली लग रहा था। मावे के सैंपल की जांच रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हो गई है। अब फैक्ट्री संचालक के खिलाफ केस दर्ज कराएंगे।
- डॉ. बलवंत मंडा, सीएमएचओ