
जोधपुर. उड़ानों की संख्या बढऩे के बाद छोटा पडऩे लगे जोधपुर एयरपोर्ट पर सोमवार को भारी अफरा-तफरी रही। एक फ्लाइट लेट होते ही पीछे आने वाली कई उड़ानों को रन-वे/टेक्सी वे पर खड़ा करना पड़ा। तकनीकी खराबी के कारण रन-वे से वापस एप्रेन में लाई गई एयर इंडिया की जोधपुर-दिल्ली फ्लाइट में सवार यात्री दोपहर 3 बजे से रात 8 बजे तक यात्री विमान में ही कैद रहे। एयर इंडिया ने यात्रियों की डी-बोर्डिंग नहीं की और न ही यात्रियों के लिए खाने का प्रबंध किया। केवल पानी की बोतल थमा दी गई। बच्चे, बूढ़े, गर्भवती महिलाएं और बीमार यात्री परेशान होते रहे।
फ्लाइट के बारे में बार-बार पूछ रहे यात्रियों को संतोषजनक जवाब तक नहीं मिला। ऐसे में यात्रियों का सब्र जवाब दे गया। यात्रियों ने विमान में ही प्रदर्शन किया। आखिर रात 8 बजे विमान ने दिल्ली के लिए उड़ान भरी।
विमान ने एक घण्टे में ही रात 9 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्रियों को उतार दिया। दिल्ली उतरने के बाद एक यात्री की तबीयत बिगड़ गई।
टिकट देकर कैद कर लिया है क्या?
एयर इंडिया विमान में सवार यात्रियों का कहना था कि एयर इंडिया अथवा एयरपोर्ट से कोई भी व्यक्ति आकर यात्रियों को सही तरीके से जवाब नहीं दे रहा था। कभी तकनीकी खराबी, कभी एयरफोर्स से अनुमति नहीं मिलने, कभी दिल्ली में उतरने की स्वीकृति नहीं होने जैसे जवाब दे रहे थे। कुछ यात्रियों ने कहा कि ऐसा लग रहा है मानो एयर इंडिया ने टिकट देकर उन्हें कैद कर लिया है।
यात्री की तबीयत बिगड़ी
विमान ने एक घण्टे में ही रात 9 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्रियों को उतार दिया। दिल्ली उतरने के बाद एक यात्री की तबीयत बिगड़ गई।
ये हैं प्रमुख परेशानियां
6 घंटे में 18 फ़्लाइट चुनौती बनी
जोधपुर एयरपोर्ट पर सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक नौ शहरों के लिए 18 फ्लाइट का संचालन हो रहा है। सोमवार को दोपहर डेढ़ बजे एक फ्लाइट लेट आई। उसके बाद एप्रेन पर जगह नहीं रहने से रन-वे/टेक्सी वे पर फ्लाइट्स को कतार में खड़ा होना पड़ा। स्पाइस-जेट, विस्तारा, इंडिगो, एयर इंडिया की दिल्ली, मुंबई सहित अन्य शहर जाने वाले फ्लाइट्स लेट हो गई।
टर्मिनल में पांव रखने की जगह नहीं
एक साथ चार-पांच फ्लाइट्स का लोड बढ़ते ही एयरपोर्ट के टर्मिनल में एक साथ 1500 से 1800 यात्री हो गए। टर्मिनल में पांव रखने की जगह नहीं बची। यहां तक कि भीड़ की वजह से यात्री देरी से प्रवेश कर पाए। बॉर्डिंग एरिया, सिक्योरिटी एरिया सब खचाखच भरा हुआ था।
4 एप्रेन तैयार थे, अनुमति नहीं मिली
जोधपुर एयरपोर्ट पर वर्तमान में 3 एप्रेन ही है। चौथे विमान को टैक्सी वे पर खड़ा रहना पड़ता है। एयरपोर्ट ऑथरिटी ऑफ इंडिया ने सरकार से मिली जमीन पर 4 एप्रेन और तैयार कर लिए, लेकिन एयरफोर्स ने हाईमास्ट लाइटें लगाने की अनुमति में देरी कर दी। पत्रिका में खबरें छपने के बाद करीब एक सप्ताह पहले ही एयरफोर्स ने अनुमति दी है।
Published on:
16 Nov 2021 04:05 pm
