तीस दिन में चुकाएं बकाया सेवानिवृत्ति परिलाभ

तीस दिन में चुकाएं बकाया सेवानिवृत्ति परिलाभ
तीस दिन में चुकाएं बकाया सेवानिवृत्ति परिलाभ

Yamuna Shankar Soni | Updated: 12 Oct 2019, 12:38:48 AM (IST) Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

 

-जोधपुर के सेवानिवृत सीएमएचओ को नौ महीने बाद भी नहीं मिले परिलाभ

जोधपुर.

राजस्थान हाईकोर्ट (rajasthan highcoutr) ने सेवानिवृत्त जोधपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ अधिकारी (retd. cm & ho) को तीस दिन के भीतर नियमानुसार बकाया सेवानिवृत्ति परिलाभ देने के आदेश दिए हैं।

न्यायाधीश डॉ. पुष्पेंद्रसिंह भाटी ने डॉ. सुरेंद्रसिंह चौधरी की याचिका को स्वीकार करते हुए यह आदेश दिए। याची के अधिवक्ता यशपाल खिलेरी ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता गत वर्ष 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हुआ। लेकिन 36 वर्ष संतोषप्रद सेवाएं देने के बावजूद सेवानिवृत्ति तथा सेवा परिलाभ नहीं दिए गए। याची ने विभाग को कई प्रतिवेदन दिए, पर कोई नतीजा नहीं निकला। अतिरिक्त निदेशक ने विभागीय जांच लंबित नहीं होने की सूचना भी विभाग को दी। कोर्ट ने कहा कि विभाग परिलाभ देने से इनकार करता है तो उसे कारण स्पष्ट करते हुए अगले तीस दिन में विस्तृत आदेश जारी करना होगा।

अधिवक्ता कल्याण कोष से दावा राशि स्वीकृत

राजस्थान अधिवक्ता कल्याण कोष की न्यासी समिति ने 48 अधिवक्ताओं के मृत्यु दावों पर उनके आश्रितों को 1 करोड़, 26 लाख, 48 हजार, 39 अधिवक्ताओं को बीमारी दावा राशि 32 लाख और सेवानिवृत्ति उपरांत एक अधिवक्ता को 3.05 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की है। सचिव आरपी मलिक ने बताया कि बार कौंसिल ऑफ राजस्थान के कार्यालय में चेयरमैन चिरंजीलाल सैनी की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित बैठक में कौंसिल सदस्य जगमालसिंह चौधरी, रतनसिंह राव और राजेश पंवार उपस्थित थे।

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