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पढिये… पीने के पानी को लेकर मंत्री के सामने क्या बोले लोग

- केन्द्रीय राज्य मंत्री पी.पी चौधरी की जनसुनवाई- रेलवे अधिकारियों के साथ बैठक भी की
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- केन्द्रीय राज्य मंत्री पी.पी चौधरी की जनसुनवाई

जोधपुर .

केन्द्रीय राज्य मंत्री विधि, न्याय एवं कॉर्पोरेट मामलात पी.पी चौधरी ने बुधवार को जनसुनवाई रखी। सर्किट हाउस में अपने समय से डेढ़ घंटे देरी से शुरू हुई सुनवाई में ग्रामीणों ने एक स्वर में पेयजल समस्या को दूर करने की मांग की। इस पर मंत्री चौधरी ने हाथोंहाथ जलदाय विभाग व अन्य अधिकारियों को बुलाकर त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
चौधरी ने सुबह ११ बजे जनसुनवाई का कार्यक्रम रखा था। लेकिन सुनवाई से पहले उन्होंने रेलवे के अधिकारियों से चर्चा की। मंडल रेल प्रबंधक गौतम अरोड़ा से बातचीत में उन्होंने रेलवे अंडरब्रिज की डिजाइन को लेकर अधिकारियों से चर्चा की। ग्रामीणों की शिकायत थी कि गांवों में जो रेलवे अंडरब्रिज बनाए गए हैं वह काफी छोटे हैं और उनके बड़े वाहनों का परिवहन नहीं हो पाता है। इन खामियों को दूर करने के लिए रेलवे अधिकारियों के साथ समाधान पर चर्चा की गई। इसके बाद पाली विधानसभा क्षेत्र के कई रेलवे स्टेशन पर महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव को लेकर भी चर्चा की गई।

पेयजल समस्या के साथ अधिकारियों की कार्यप्रणाली की शिकायत

जोधपुर जिले के भोपालगढ़, बिलाड़ा सहित पाली जिले के सोजत रोहट और पाली शहर से भी कई लोग जनसुनवाई में पहुंचे। अधिकांश लोगों ने पेयजल समस्या को दूर करने की मांग की। इस पर अधिकारियों को निर्देशित किया गया। कई ग्रामीणों ने कर्मचारियों के खिलाफ भी रोष जताया। इस पर मंत्री ने काम होने की बात कही न कि कर्मचारी को हटाने की। इसके अलावा रोड की समस्या भी बताई गई। उन्होंने पेचेबल सडक़ों को दो माह में ठीक करने और नोन पेचेबल सडक़ों को छह माह में दुरुस्त करवाने आश्वासन दिया।

हड़ताल की जरूरत नहीं
प्रदेशभर में हाईकोर्ट बैंच को लेकर वकीलों की हड़ताल के मुद्दे पर बातचीत करते हुए मंत्री चौधरी ने कहा कि यह मुद्दा फिलहाल राज्य सरकार के निरीक्षण में है। कमेटी की सिफारिश के बाद निर्णय किया जाएगा। एेसे में अभी कहीं भी हड़ताल की जरूरत नहीं है। एेसे में यह सोचा भी नहीं जाना चाहिए कि निर्णय हो रहा है।