
Poets received a lot of accolades at Kafiyat's Kavi Sammelan
जोधपुर ( jodhpur news.current news ) . यहां शाइर और कवि एक से बढ़ कर एक शेर व कविताएं सुना रहे थे तो सुधि श्रोता वाह-वाह कर रहे थे। कभी तालियों की गडग़ड़ाहट गूंज रही थी तो कभी मुकर्रर इरशाद व वन्स मोर कह कर फिर से शेर व कविताएं सुन रहे थे। यह कैफियत ( Kefiyat ) की मेजबानी में वीकएंड की शाम होटल चंद्रा इंपीरियल में सजे कवि सम्मेलन ( kavi sammelan news ) का नजारा था। यहां मकबूल शाइर शारिक कैफी ने 'खुदा होने की चाहत भी नहीं है,सो छिपने की ज़रूरत भी नहीं है.. कलाम सुना कर वाहवाही पाई। विक्रम गौड़ वैरागी ने 'हमारे बाद तेरे इश्क में नये लड़के,बदन तो चूमेंगे ज़ुल्फें नहीं संवारेंगे... रचना पेश की तो पूरा हॉल तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा। शाइर मदनमोहन दानिश ने 'मौत आई थी कई दिन पहले, उसको बातों में लगाए रक्खा.. पेश कर खूब वाहवाही पाई। हौसला अफजाई करने आए कई गणमान्य व्यक्ति आयोजन में उपस्थित रहे। सुर स्कूल फाउंडेशन के निदेशक निशांत ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन विकासराज भाटी ने किया।
Published on:
22 Dec 2019 05:19 pm
