
जोधपुर के सांगरिया क्षेत्र स्थित सडक़ पर उड़ रही अनदेखी की ‘गर्द’, आखिर कब मिटेगा यह ‘दर्द’
जोधपुर. दीपावली से पहले बारिश से क्षतिग्रस्त हुई सडक़ों को दुरुस्त करने के निर्देश के बावजूद अब तक इस क्षेत्र की सडक़ों के ‘घाव’ नहीं भरे गए हैं। नतीजतन यहां के लोगों को अभी तक हिचकोलों से राहत नहीं मिल पा रही है। लोगों के चेहरे पर नजर आने वाली सडक़ से उडऩे वाली गर्द की परत ने उनकी त्योहारी खुशी को काफूर कर दिया है। जिम्मेदारों की अनदेखी का आलम यह है कि उन्होंने सडक़ को दुरुस्त करवाना तो दूर, अभी तक लोगों को हो रही इस समस्या की ओर झांका तक नहीं है।
मामला शहर से सटे सांगरिया फांटा क्षेत्र का है। सांगरिया फांटा से सालावास तथा सांगरिया से जोधपुर की ओर जाने वाली सडक़ की बारिश के बाद ऐसी दुर्दशा हो गई है कि यहां पैदल चलना भी मुश्किल है। सांगरिया फांटा से तनावड़ा-सालावास की ओर जाने वाली सडक़ बारिश के पानी में बह गई। यहां डामर का नामोनिशान तक नहीं बचा है। पूरी सडक़ गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। इस मार्ग पर उड़ती धूल के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। सडक़ पर गहरे ‘जख्म’ होने से इस मार्ग पर वाहन रेंग-रेंगकर चलते हैं, ऐसे में यहां दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।
प्रदर्शन के बाद भी नहीं सुधरे हालात
क्षतिग्रस्त सडक़ से गुस्साए क्षेत्रवासियों व वाहन चालकों ने 4 अक्टूबर को सांगरिया फांटा पर रास्ता जाम कर प्रदर्शन किया था। इस दौरान कई घंटों तक यातायात अवरुद्ध रहा। मौके पर पहुंचे विभागीय अधिकारियों व जिम्मेदारों ने सडक़ डामरीकरण का आश्वासन दिया तो लोगों ने रास्ता खोला था। लेकिन प्रदर्शन के 10 दिन बाद भी अभी तक यहां कार्य शुरू नहीं हो पाया है। क्षतिग्रस्त सडक़ के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं।
यह है समस्या
दरअसल बारिश के दिनों में पानी का बहाव सांगरिया फांटा से तनावड़ा की ओर रहता है। ऐसे में बारिश के पानी से पूरी सडक़ हर साल बह जाती है। यदि इस मार्ग को करीब एक-डेढ फीट तक ऊंचा उठाकर डामरीकरण किया जाए तो सडक़ के साइड से पानी का बहाव होगा। ऐसे में यह सडक़ कई बरसों तक नहीं टूट सकेगी।
इनका कहना है
क्षेत्रवासियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से होगा। जल्द ही सांगरिया फांटा से तनावड़ा की ओर मजबूती के साथ सडक़ का निर्माण शुरू होगा।
-महेन्द्र विश्नोई, विधायक, लूणी
सांगरिया फांटा से तनावड़ा की ओर जाने वाले मार्ग पर 17 अक्टूबर से कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। यहां डामर सडक़ बनाई जाएगी।
-मोहम्मद शरीफ, सहायक अभियंता, सानिवि
Published on:
15 Oct 2019 12:38 pm
