
सोशल मीडिया की नेगेटिविटी को भूल, पॉजीटिविटी से यूथ कूल
जोधपुर.
चुनावी दौर में सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप व आईटी एक्ट में केस होने की घटनाएं आपने खूब देखी होगी। लेकिन सोशल मीडिया के इसी प्लेटफार्म पर कुछ लोग ऐसे भी हैं जो नेगेटिविटी से दूर पॉजीटिव एप्रोच रखते हैं। इसका एक उदाहरण पिछले कुछ समय में सोशल मीडिया की सकारात्मक पोस्ट जोधपुर ही नहीं पूरे प्रदेश में वायरल हो रही है।
जोधपुर में सकारात्मक, एतिहासिक धरोहर व खान-पान को फैलाने के लिए सोशल मीडिया पर मुहिम छिडी हुई है। हर वर्ग इस मुहिम का साथ दे रहा है। पिछले कुछ समय में सकारात्मक तरीके की पोस्ट बहुत वायरल की जा रही है। यह समाज में अच्छा संकेत देने वाली है। नकारात्मकता या आरोप लगाने वाली पोस्ट में कानूनी कारवाइयों का सामना भी करना पड़ सकता है। मनो चिकित्सा के लिहाज से भी सकारात्मकता जीवनशैली फायदा पहुंचाती है।
दिल खोल कर सकारात्मकता फैलाइए
सोशल मीडिया हमारे जीवन पर काफी गहरा प्रभाव डाल रहा है। दिन में कई घंटे हम मोबाइल पर रहते हैं तो नकारात्मकता से भर जाते हैं। प्रतीक मूथा जो कि सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर वायरल करते हैं और सकारात्मक फैलाने में पिछले कई वर्षों से योगदान दे रहे हैं बताते हैं कि खुशियों के पल बांटने का अलग ही अनुभव होता है। प्रतीक का ज्ञान नाम से सकारात्मकता बांटते हैं। कई लोग सिर्फ औपचारिकता करते हैं व बधाइयां देकर ही सोशल मीडिया पर इतिश्री कर लेते हैं। लेकिन हमारी अपील है कि दिल खोल कर कमेंट कीजिए और अपनी भावनाएं जाहिर कीजिए।
सकारात्मकता फैलाने ने रिकॉर्ड बना दिया
सोशल मीडिया पर फैल रही नकारात्मकता से लोग इतना ऊब चुके हैं कि सकारात्मकता को हर कोई पसंद कर रहा है। मनीष मूथा जो युवा उद्यमी व भाजपा के जिला मंत्री भी हैं ने कुछ माह पहले ही सोशल मीडिया पर पेज के जरिये सकारात्मक पोस्ट करना वायरल किया। उनकी पोस्ट लोगों को इतनी पसंद आने लगी कि वीडियो हो या फोटो सभी को हजारों की संख्या में शेयर मिलने लगे। उनकी एक सकारात्मक वीडियो पोस्ट को डेढ़ करोड़ से अधिक लोगों ने देखा।
जीवन जीने का नजरिया बदल जाता है
जिंदगी में कोई भी बात का जब पॉजीटिव पहलू सामने आता है तो सुकून देता है। हम जैसा देखते हैं वैसा ही सोचने लग जाते हैं। साथ ही जैसा सोचते है वही अपनी दिनचर्या में ढाल लेते हैं। चहे सोशल मीडिया हो या व्यवहारिक जीवन यदि हम सकारात्मक के आस-पास रहते हैं तो तनाव, घबराहट से कोसों दूर रहते हैं। हमारे काम करने की क्षमता व प्रोडक्टिविटी भी बढ़ती है। अगर कोई सकारात्मकता फैला रहा है तो उसके आस-पास रहिये यह अच्छा है।
- जी.डी कूलवाल, विभागाध्यक्ष, मनोविकार विभाग, डॉ. एस.एस मेडिकल कॉलेज
Updated on:
31 Jul 2019 08:26 pm
Published on:
31 Jul 2019 08:14 pm
