10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बीमा कंपनियों के निजीकरण की संभावना से कर्मचारियों में डर का माहौल

- जनरल इंश्योरेंस पेंशनर्स ऑल इंडिया फैडरेशन राष्ट्रीय सम्मेलन
less than 1 minute read
Google source verification

जोधपुर

image

Amit Dave

Oct 22, 2021

बीमा कंपनियों के निजीकरण की संभावना से कर्मचारियों में डर का माहौल

बीमा कंपनियों के निजीकरण की संभावना से कर्मचारियों में डर का माहौल

जोधपुर।
न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अतुल सहाय ने कहा कि आम बीमा अधिनियम में संशोधन के बाद सेवानिवृत कर्मचारियों और कार्यरत कर्मियों में बीमा कंपनी के निजीकरण की पुरजोर संभावना से जो डर का माहौल हो गया है, वह गैर वाजिब नहीं है।जनरल इंश्योरेंस पेंशनर्स ऑल इंडिया फैडरेशन के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए सहाय ने कहा कि बैंक और जीवन बीमा में संशोधित वेतनमान लागू हो जाने के बावजूद आम बीमा कंपनियों में वेतनमान संशोधन का मुद्दा अहम है। उन्होंने इस मुद्दे पर जल्द ही वित्त मंत्रालय से चर्चा का विश्वास दिलाया। उन्होंने बताया कि वे आम बीमा कंपनियों में पारिवारिक पेंशन में 15 से 30 फ ीसदी बढ़ोतरी, अधिकतम मासिक पेंशन सीलिंग नौ हजार रुपए हटाने के लिए प्रयासरत है। हेल्थ इंश्योरेंस टीपीए इंडिया की प्रबंध निदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बतौर विशिष्ठ अतिथि बताया कि उनकी पुरजोर कोशिश रहेगी कि बीमाधारक के मेडिक्लेम दावों का निपटान अविलंब किया जाएं उनके कार्यालय और शहरों में खोले जाएं। न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के पूर्व अध्यक्ष केएन भंडारी, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी के पूर्व अध्यक्ष सुपारस भंडारी, समिति के चेयरमैन आरपी सामल, अध्यक्ष काका सामंत, महासचिव यू बनर्जी और सलाहकार ए के सिंहल ने भी संबोधित किया। अंत में फैडरेशन उप महासचिव श्याम माथुर ने आभार ज्ञापित किया। सम्मेलन का संचालन देवकीनंदन व्यास ने किया। सम्मेलन का समापन शनिवार को होगा।
-----