
गोचर भूमि पर पंचायत भवन निर्माण करने पर रोक
जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नन्द्राजोग और दिनेश मेहता की खंडपीठ ने शुक्रवार को गोचर भूमि पर ग्रामपंचायत भवन निर्माण पर रोक लगाने के आदेश जारी कर गोविंदपुरा ग्रामपंचायत के सरपंच, पंचायत समिति देचू के बीडीओ और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
यह आदेश देचू पंचायत समिति क्षेत्र के चांदसमा गांव के जस्साराम व अन्य की ओर से दायर जनहित याचिका दायर की सुनवाई के दौरान दिया गया।
याचिका में बताया गया कि देचु पंचायत समिति में नवसृजित गोविंदपुरा ग्रामपंचायत के सरपंच व प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से चांदसमा की गोचर भूमि पर ग्रामपंचायत भवन का निर्माण कराया जा रहा है। जबकि इस भवन का निर्माण मूल ग्रामपंचायत चांदसमा की आबादी भूमि के खसरा नंबर 699 में होना था।
गत वर्ष 29 नवम्बर को इसकी प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी होने के बाद निर्माण की कवायद शुरू की, लेकिन प्रस्तावित जमीन पर आबादी बसी थी। गोविंदपुरा सरपंच ने करीब एक साल तक आबादी भूमि खाली करवाने के प्रयास किए, मगर वे सालों से बसे लोगों को वहां से हटाने में विफल रहे।
इसके बाद सरपंच ने मनमानी करते हुए प्रस्तावित आबादी भूमि से सटे आम रास्ते और चांदसमा की गोचर भूमि पर कार्यादेश और मस्टरोल की स्वीकृति के बगैर, नरेगा मार्गदर्शिका 2010 के नियमों का खुला उल्लंघन कर गत 4 सितम्बर को जेसीबी से नींव खोद निर्माण शुरू कर दिया। इस पर ग्रामवासियों ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर अवैध भवन के निर्माण पर रोक लगाने की मांग की थी।
Published on:
13 Oct 2018 01:20 am
