
कुदरती कहर से फिर उछले प्याज के दाम, लहसुन के भी बढ़ रहे भाव
अमित दवे/जोधपुर. प्याज के दाम एक बार फिर उछल गए हैं। इस बार बारिश व चक्रवात को इसकी वजह बताया जा रहा है। कुदरती कहर से प्याज के दामों में हुई बेतहाशा बढ़ोतरी गृहणियों को रुला रही है। बिगड़े बजट के कारण लोग भी प्याज की कम खरीदारी कर रहे हैं। वर्तमान में थोक बाजार में प्याज का भाव 55 से 60 रुपए और खुदरा में 70 से 90 रुपए प्रति किलो बताया जा रहा है।
वर्तमान में जोधपुर में दक्षिण भारत, विशेषकर हुबली (कर्नाटक) से नया प्याज की आ रहा है। वहां भी बारिश से प्याज की फसल खराब होने से आवक कम हो रही है। स्थानीय स्तर पर जिले के आसपास से आने नया प्याज भी समाप्त हो गया है।
अगले माह तक यही स्थिति रहेगी
वर्तमान में हुबली के अलावा कहीं से नया प्याज नहीं आ रहा है। अगले माह नासिक, गुजरात, महुआ, भावनगर से प्याज की आवक शुरू होने पर दाम कम होने की उम्मीद है। जनवरी में खैरथल, अलवर व फरवरी से सीकर से नई फसल आना शुरू होगी।
जिले में नए प्याज की आवक मार्च से पहले नहीं
किसानों के अनुसार जिले के 500-1000 हैक्टेयर क्षेत्र में रबी सीजन के प्याज की बुवाई होती है। इसमें भी पौध खराब हो जाने के कारण बुवाई रकबे में कमी अथवा देरी होने की संभावना है। ऐसे में मार्च माह से पूर्व नए प्याज की आवक की कोई सम्भावना नहीं है।
लहसुन भी रुला रहा
गत वर्षो में अच्छी उत्पादन लागत के बराबर भाव नहीं मिलने के कारण किसानों ने इस बार लहसुन की बुवाई में रूचि नहीं दिखाई। इससे उत्पादन प्रभावित हुआ व इसका असर लहसुन के भावों में देखने को मिल रहा है। लहसुन होलसेल में जहां 150-160 रुपए वहीं रिटेल में 180-200 रुपए किलो तक बिक रहा है।
नई फसल नहीं आने तक यही हाल रहेंगे
कुदरती कहर से प्याज की हालत खराब है। अन्य राज्यों से नई फसल नहीं आने तक प्याज के भावों के यही हाल रहेंगे। ऐसे समय में सरकार को प्याज आयात करना चाहिए।
शेरसिंह सांखला, होलसेल विक्रेता, फल सब्जी मंडी भदवासिया
Updated on:
04 Nov 2019 11:06 am
Published on:
04 Nov 2019 11:06 am
