प्रोफेसर जहूर खां मेहर को साहित्य सूरमा सम्मान

प्रोफेसर जहूर खां मेहर को साहित्य सूरमा सम्मान
Professor Zahoor Khan Mehar

MI Zahir | Publish: Aug, 20 2018 06:18:01 PM (IST) Jodhpur, Rajasthan, India

जोधपुर.जाने-माने इतिहासकार और राजस्थानी भाषा के साहित्यकार प्रो. जहूर खां मेहर को साहित्य सूरमा सम्मान से नवाजा गया।

जोधपुर.विख्यात इतिहासकार और राजस्थानी भाषा के साहित्यकार प्रो. जहूर खां मेहर को जय भगवान सेवा समिति ट्रस्ट की रजत जयंती के अवसर पर दशरथमल सिंघवी सभागार में आयोजित समारोह में साहित्य सूरमा सम्मान से नवाजा गया। शोधपूर्ण इतिहास, राजस्थानी भाषा साहित्य में श्रीवृद्धि व लोक संस्कृति के क्षेत्र में विशिष्ट और उल्लेखनीय योगदान देने के लिए उनका सम्मान किया गया। इतिहास और राजस्थानी साहित्य में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित नाम है प्रो. जहूर खां मेहर। वे जोधपुर में रहते हैं।

पूर्व न्यायाधीश प्रकाश टाटिया मुख्य अतिथि व पूर्व शिक्षा उप निदेशक एनके मेहता विशिष्ट अतिथि थे। इस अवसर पर एसएस मेहता की तीन पुस्तकों का लोकार्पण हुआ। डॉ. कौशलनाथ उपाध्याय, सत्यदेव संवितेंद्र और परशुराम दवे ने पुस्तकों पर प्रकाश डाला। समाजसेवी महेंद्र लोढ़ा ने लेखक का सम्मान किया। सेवा समिति ट्रस्ट के अध्यक्ष मानसिंह मेहता ने सदस्यों का सम्मान किया। इस मौके पर प्रसन्नसिंह सिंघवी और सुधा गर्ग को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। हाशम खान ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन अशफाक फौजदार ने किया।

जहूर खां मेहर : एक नजर
जोधपुर में 20 जनवरी, 1941 को जन्मे प्रो. जहूर खां मेहर जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष रह चुके हैं। राजस्थानी संस्कृति रा चितराम, धर मर्जला धर कोसा, जयमल मेड़तिया, अर्जुन आळी आंख, सांस्कृतिक ऐतिहासिक राजस्थान, लक्ष्मीकुमारी चंूडावत ग्रंथावली, आजादी आंदोलन अर राजस्थान, टाळवा निबंध. ऊजळ पख, चेतावनी रा चंूगटिया (राजस्थानी, संपादित), अमीना (राजस्थानी, अनूदित) उनकी ख्यात पुस्तकें

हैं। इन पुस्तकों सहित उनकी 24 से अधिक पुस्तकें स्वरचित हैं।

मिले हैं कई पुरस्कार व सम्मान
कुछ अरसा पहले उनहें कमला गोयनका फाउंडेशन के सारस्वत सम्मान से नवाजा गया था। वहीं साहित्यकार मंच की ओर से इतिहास पुरोधा प्रो.जहूर खं मेहर का अभिनन्दन समारोह 12 मई को आयोजित किया गया था। उन्हें राजस्थानी भाषा साहित्य व संस्कृति अकादमी बीकानेर की ओर से समग्र साहित्य पर प्रथम पूनमचंद विश्नोई लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा जा चुका है। इस पुरस्कार के तहत उन्हें एक लाख रुपए, अभिनंदन पत्र, स्मृति चिह्न, शॉल व श्रीफल अर्पित किए गए थे। प्रो. मेहर को साहित्यिक योगदान के लिए कई पुरस्कार और सम्मान मिले हैं, जिनमें महेन्द्र जालोदिया पुरस्कार, सर्वोत्तम लेखन पुरस्कार, बाणभट्ट सम्मान, महाराणा कु भा पुरस्कार, आगीवाण सम्मान, विशिष्ट राजस्थानी साहित्यकार सम्मान, मारवाड़ रत्न सम्मान और सांस्कृतिक विरासत रा समवाहक सम्मान शामिल हैं। वे महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर के प्रबंधन बोर्ड के सदस्य भी रह चुके हैं।

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