
rajasthan high court : इको सेंसिटिव जोन की अधिसूचना पर सवाल उठाए
इको सेंसिटिव जोन की अधिसूचना पर सवाल उठाए
माउंट आबू वाइल्ड लाइफ सेंचुरी का मामला
जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट में माउंट आबू वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के चारों ओर इको-सेंसिटिव जोन घोषित करने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान याचिकाकर्ता ने अंतिम अधिसूचना पर सवाल उठाते हुए उसमें रही त्रुटियां रिकॉर्ड पर पेश करने के लिए समय मांगा, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने 13 मार्च को याचिका सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायाधीश विजय बिश्नोई एवं न्यायाधीश प्रवीर भटनागर की खंडपीठ में याचिकाकर्ता रुस्तम जहांगीर कामा की ओर से दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता विकास बालिया ने कहा कि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 11 नवंबर, 2020 को माउंट आबू वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के चारों ओर इको-सेंसिटिव जोन घोषित करने की अधिसूचना जारी की है। इससे पहले केंद्र सरकार ने इको सेंसटिव जोन के लिए 3 जून, 2019 को प्रारूप जारी करते हुए आपत्तियां व सुझाव मांगे थे, जिस पर याची सहित कई लोगों ने आपत्तियां व सुझाव दिए, लेकिन अंतिम अधिसूचना से यह दर्शित नहीं होता कि उन आपत्तियों का यथोचित निस्तारण किया गया है। अधिसूचना कुछ पहलुओं के संबंध में त्रुटिपूर्ण है। इसमें शीर्ष कोर्ट के आदेश की भी भली भांति पालना नहीं की गई है। उन्होंने त्रुटियों को रिकॉर्ड पर पेश करने के लिए समय चाहा, जिस पर कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।
Published on:
02 Feb 2023 10:07 pm
