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इलेक्शन इंक: क्या आप जानते हैं, आपकी एक अंगुली पर लगने वाली स्याही पर कितने रुपए होते हैं खर्च?

Rajasthan Chunav 2024: यह इंक एक सेकंड के अंदर अपना निशान छोड़कर मात्र 40 सेकंड से भी कम समय में सूख जाती है।

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Rajasthan Chunav 2024: मतदान बूथ पर वोट डालने के बाद नीली स्याही लगी अंगुली दिखाते हुए मोबाइल पर सेल्फी लेते वोटर्स को आपने जरूर देखा होगा। अंगुली पर लगी स्याही की कीमत 12,700 रुपए लीटर है। एक अंगुली पर एक मिलीलीटर स्याही लगती है, यानी हर मतदाता की अंगुली पर 12.70 रुपए की स्याही लगती है। लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में प्रदेश में शुक्रवार को मतदान चल रहा है। प्रदेश के 13 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में कुल 2 करोड़ 80 लाख 78 हजार 399 मतदाता पंजीकृत हैं। जोधपुर लोकसभा क्षेत्र का फैसला आज ईवीएम में बंद होगा।

बाएं हाथ की तर्जनी अंगुली पर लगाते हैं स्याही

चुनाव में फर्जी मतदान रोकने और वोट डाल चुके मतदाता की पहचान के लिए इलेक्शन इंक बाएं हाथ की तर्जनी अंगुली पर लगाई जाती है। यह इंक एक सेकंड के अंदर अपना निशान छोड़कर मात्र 40 सेकंड से भी कम समय में सूख जाती है। स्याही 72 घंटे तक नहीं मिट सकती और इसका रंग 15 दिन तक बना रहता है।

1962 से शुरू हुआ चलन

नीले रंग की इस स्याही को भारतीय चुनाव प्रक्रिया में वर्ष 1962 में शामिल किया गया। यह स्याही कर्नाटक के मैसूर में मैसूर पेंट एंड वार्निश लिमिटेड कंपनी तैयार करती है। इस कंपनी की स्थापना 1937 में की गई थी। उस समय मैसूर प्रांत के महाराज नलवाडी कृष्णराजा वडयार ने इसकी शुरुआत की थी। वर्ष 1962 में तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त सुकुमार सेन ने इस स्याही को निर्वाचन प्रक्रिया में शामिल कराया। अब कंपनी इलेक्शन इंक या इंडेलिबल इंक के नाम से स्याही बनाती है।

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