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राजस्थान सरकार ने जेएनवीयू को भेजी 14 करोड़ की राशि, अब कर्मचारियों को मिलेंगे वेतन-पेंशन

जेएनवीयू में वेतन को लेकर धरना- प्रदर्शन, सरकार ने प्लेसमेंट एजेंसी के कार्मिकों को स्थाई करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के दिए निर्देश
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rajasthan government allotted 14 crore amount to jNVU

राजस्थान सरकार ने जेएनवीयू को भेजी 14 करोड़ की राशि, अब कर्मचारियों को मिलेंगे वेतन-पेंशन

गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के कार्मिकों ने सितम्बर महीने का वेतन और पेंशन नहीं मिलने के विरोध में मंगलवार को विश्वविद्यालय के शिक्षकों, गैर शिक्षकों और सेवानिवृत्त कार्मिकों ने केंद्रीय कार्यालय में कुलपति कक्ष के बाहर धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। उधर दोपहर बाद राज्य सरकार की ओर से विश्वविद्यालय को 14 करोड रुपए का आंशिक अनुदान जारी कर दिया गया है। संभवत: दो तीन दिन में विश्वविद्यालय कार्मिकों के खातों में वेतन व पेंशन आ जाएगी।

सरकार ने अनुदान जारी करने के साथ विवि की प्लेसमेंट एजेंसी के कर्मचारियों को स्थाई करने वाले विवि अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई कर सरकार को अवगत कराने के भी निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार की ओर से विवि का अनुदान रोके जाने के कारण विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को सितम्बर महीने का एक पखवाड़ा गुजर जाने के बावजूद वेतन और पेंशन नहीं मिला था। शिक्षकों और कर्मचारियों ने पिछले सप्ताह भी विरोध प्रदर्शन करके अपनी नाराजगी व्यक्त की थी। अखिल राजस्थान विवि शिक्षक महासंघ के प्रदेश संयोजक डॉ. डीएस खींची ने बताया कि विवि प्रशासन को प्लेसमेंट एजेंसी का मुद्दा तुरंत सुलझाना चाहिए अन्यथा आने वाले महीनों में भी सरकार अनुदान रोकती रहेगी।

गौरतलब है कि विश्वविद्यालय के तत्कालीन रजिस्ट्रार प्रो. पीके शर्मा ने पिछले साल प्लेसमेंट एजेंसी के तीन संविदाकर्मियों को स्थाई कर दिया था, जिसके आधार पर हाईकोर्ट गए विश्वविद्यालय के अन्य संविदाकर्मियों को भी हाईकोर्ट ने स्थाई करने के आदेश दिए। इसके बाद विवि प्रशासन को करीब डेढ़ सौ कार्मिकों को स्थाई करना पड़ा राज्य सरकार को इसकी भनक मिलने पर उसने अनुदान रोककर 3 कर्मचारियों को स्थाई करने वाले विश्वविद्यालय के अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

ठेकाकर्मियों को 3 महीने से नहीं मिला वेतन
उधर विश्वविद्यालय में कार्यरत ठेका कर्मियों को 20 जुलाई के बाद अब तक वेतन नहीं मिला है। ठेकाकर्मी भी आए दिन ज्ञापन देकर वेतन की मांग कर रहे हैं। दरअसल विवि ने 20 जुलाई से कर्मचारियों का ठेका जयपुर की प्रखर एजुकेशन फर्म को दे दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह ठेका विश्वविद्यालय में रिक्त पदों के विरुद्ध दिया था जो करीब 175 है लेकिन वास्तव में 550 से अधिक विश्वविद्यालय में ठेका कर्मी कार्यरत बताए जा रहे हैं। इसको लेकर अब तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है।

दिवाली से पूर्व वेतन आदेश जारी करने की मांग
राजस्थान शिक्षक संघ राधाकृष्णन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। जिलाध्यक्ष इंद्रविक्रमसिंह चौहान ने दिवाली से पूर्व बोनस व बढ़े हुए महंगाई भत्ते आदेश जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि 8 लाख कर्मचारियों के साथ लगभग 4 लाख पेंशनर्स को भी लाभ मिल सकेगा।