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Rajasthan News: राजस्थान सरकार ने किसानों के लिए लागू की यह नई योजना, जानें इसके फायदे

राजस्थान सरकार की ओर से बजट में किसानों के लिए स्वैच्छिक भार वृद्धि योजना लागू करने की घोषणा की गई। यह लागू हो गई है।

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पीपाड़सिटी। राजस्थान सरकार की ओर से किसानों के लिए 'स्वैच्छिक भार वृद्धि घोषणा योजना' लागू करने की घोषणा की गई है। जिसके तहत कृषि उपभोक्ताओं का विद्युत भार बढ़ा हुआ पाया जाने पर उनसे कोई पैनल्टी राशि नहीं ली जाएगी और मात्र धरोहर राशि 60 रुपए प्रति एचपी की दर से जमा करवा कर भार नियमित कर दिया जाएगा।

डिस्कॉम सूत्रों ने बताया कि 10 जुलाई की वित्तीय वर्ष 2024-25 की परिवर्तित बजट में कृषि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए कृषि कनेक्शन के विद्युत भार को बढ़ाने के लिए 'स्वैच्छिक भार वृद्धि घोषणा योजना' लागू की गई है। यह योजना 31 दिसंबर 23 तक जारी कृषि कनेक्शन पर लागू होगी।

उपभोक्ता इस योजना का लाभ नहीं उठाते हैं तो योजना की अवधि समाप्ति पर चेकिंग के दौरान उनका भार स्वीकृत भार से अधिक पाए जाने पर उपभोक्ताओं से बढ़े हुए भार पर कृषि नीति के अनुसार राशि वसूल की जाएगी। साथ ही, बताया कि 2 वर्ष पूर्व तक कटे हुए कनेक्शन को यदि उपभोक्ता भार वृद्धि के साथ जुड़वाना चाहता है तो वह भी इस योजना का लाभ ले सकता है।

सब स्टेशन भी प्रस्तावित


योजना अवधि में योजना का लाभ उठाने वाले कृषि उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक होने पर ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि को नई 11 केवी लाइन एवं सब स्टेशन का खर्चा निगम की ओर से वहन किया जाएगा। ऐसे में कृषक जो इस कुएं पर दूसरी मोटर लगाकर भार वृद्धि करते हैं अथवा दूसरे कुएं पर जो इस खसरा, खेत परिसर, मरब्बा में हो दूसरी मोटर चलाने के लिए भार बढ़ाते हैं तो उन्हें इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। पूर्व में दो मोटर स्वीकृत है एवं कृषक उन्हें भार में वृद्धि करना चाहता है तो वह योजना का लाभ ले सकता है।

योजना की अवधि 31 दिसंबर तक


अधिकारियों ने बताया कि 'स्वैच्छिक भार वृद्धि घोषणा योजना' लागू होने के दौरान यदि किसी उपभोक्ता की बढ़े हुए भार की वीसीआर भरी जा चुकी हैं। तो वह भी योजना के प्रावधानों के अनुसार नियमित की जाएगी। वहीं, स्वैच्छिक भार वृद्धि योजना की समाप्ति 31 दिसंबर 2024 के बाद भार सत्यापन के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।